लखनऊ: भूसा संग्रहण में लापरवाही पर सख्त हुए धर्मपाल सिंह, अधिकारियों को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में संचालित भूसा संग्रहण अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी स्थिति में गोवंश भूखा या प्यासा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौशालाओं के संचालन को मिशन मोड में संचालित करने पर जोर दिया।

A group meeting in an office with several men seated at a wooden table discussing documents and taking notes. A man in formal attire is seated at the head of the table, with a small decorative cow figurine in front of him.

लखनऊ (Lucknow) स्थित विधान भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कम प्रदर्शन करने वाले जनपदों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कम प्रदर्शन वाले जिलों को चेतावनी:

समीक्षा बैठक के दौरान हमीरपुर (Hamirpur), वाराणसी (Varanasi), प्रतापगढ़ (Pratapgarh), औरैया (Auraiya) और अयोध्या (Ayodhya) जनपदों के कार्यों पर नाराजगी जताई गई। मंत्री ने इन जिलों के अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध भूसे का अधिकतम संग्रह करने के निर्देश भी दिए गए।

1.37 करोड़ कुन्तल भूसा संग्रहण का लक्ष्य:

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल निर्धारित किया गया है। अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। अभियान के अंतर्गत 1905 अस्थायी भूसा बैंक और 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं।

प्रदेश में संचालित 7386 गौआश्रय स्थलों में 12 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। वहीं मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किए गए हैं।

गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश:

धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गौआश्रय स्थलों पर हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था और पशुओं के उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि गोवंशों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए समय-समय पर टीकाकरण अभियान चलाने और दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

गोबर गैस प्लांट पर विशेष जोर:

बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि इससे गोबर का बेहतर प्रबंधन होगा और जैविक खाद के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन करने और व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।

बेहतर प्रदर्शन वाले जिलों की सराहना:

भूसा संग्रहण अभियान में जालौन (Jalaun), मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar), नोएडा (Noida), मिर्जापुर (Mirzapur) और महोबा (Mahoba) जनपदों को बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल बताया गया। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

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