रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी
कासगंज में UGC द्वारा लागू की गई नई नियमावली के विरोध में सवर्ण समाज का आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में ब्राह्मण सभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कासगंज कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नियमों को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी के साथ धार्मिक प्रतीकात्मक विरोध भी देखने को मिला।

कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए सैकड़ों कार्यकर्ता:
जनपद कासगंज की तीर्थ नगरी सोरों (Soron) से जुड़े ब्राह्मण महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर UGC नियमों के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह नियमावली समाज में असंतुलन पैदा कर रही है और सामान्य वर्ग के हितों की अनदेखी कर रही है। इसी कारण इसे काला कानून कहा जा रहा है और इसके खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से जताया विरोध:
धरना-प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक पाठ के जरिए सरकार का ध्यान इस मुद्दे की गंभीरता की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक या प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और अधिकारों से जुड़ा मामला है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।

ज्ञापन सौंपकर कानून वापस लेने की मांग:
प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में UGC द्वारा लागू किए गए नियमों को वापस लेने की स्पष्ट मांग की गई। ब्राह्मण सभा का कहना है कि यदि इस नियमावली को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
नगर पालिका सभासद ने दी इस्तीफे की चेतावनी:
धरना-प्रदर्शन के दौरान BJP से जुड़े नगर पालिका सभासद विष्णुकांत तिवारी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि दो दिन के भीतर इस काले कानून को वापस नहीं लिया गया, तो वह अपने सभी पदों से इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे। उनका कहना था कि यह नियम समाज में विभाजन पैदा कर सकता है और इसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम होंगे।
ब्राह्मण सभा अध्यक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप:
ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष शरद कुमार पाण्डेय ने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए इस तरह की नियमावली को लागू कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए सामाजिक संतुलन को नजरअंदाज किया जा रहा है। शरद कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि यह नियम समाज पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
दिल्ली से लखनऊ तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान:
ब्राह्मण सभा ने चेतावनी दी कि यदि UGC के नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो दिल्ली (Delhi) से लेकर लखनऊ (Lucknow) तक धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन का कहना है कि जब तक सरकार इस नियमावली को समाप्त नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि यह संघर्ष किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे समाज के अधिकारों से जुड़ा है।
शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ आंदोलन का संदेश:
पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रही और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। ब्राह्मण सभा और सवर्ण समाज के कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि वे कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि UGC नियमों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष गहराता जा रहा है।
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