ट्रंप को जान से मारने की नई साजिश? ईरान के ‘किलिंग प्लान’ पर इजरायल ने US को चेताया

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई नए घटनाक्रम सामने आए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इजराइल ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि ईरान राष्ट्रपति Donald Trump (डोनाल्ड ट्रम्प) की हत्या की नई साजिश बना रहा है। हालांकि इस दावे की अमेरिकी अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों, कूटनीतिक प्रयासों और वैश्विक ऊर्जा बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी सामने आए हैं, जिन पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

WSJ और CNN की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया:

अमेरिकी अखबार Wall Street Journal (वॉल स्ट्रीट जर्नल) की रिपोर्ट के अनुसार, Israel (इजराइल) ने इस सप्ताह अमेरिकी प्रशासन को खुफिया इनपुट भेजते हुए दावा किया कि Iran (ईरान) की ओर से Donald Trump (डोनाल्ड ट्रम्प) को निशाना बनाए जाने की आशंका है। वहीं CNN (सीएनएन) की रिपोर्ट में कहा गया कि यह जानकारी ट्रम्प पर संभावित हमले से जुड़ी थी। हालांकि White House (व्हाइट हाउस) ने इन रिपोर्टों पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है और अमेरिकी सरकार की ओर से भी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ट्रम्प ने भी सुरक्षा खतरे का किया जिक्र:

इससे पहले NATO (नाटो) शिखर सम्मेलन के दौरान Donald Trump (डोनाल्ड ट्रम्प) ने कहा था कि उन्हें लगातार सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की कथित सूची में उनका नाम सबसे ऊपर है। दूसरी ओर, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कुछ अधिकारियों का मानना है कि इजराइल की ओर से साझा की गई जानकारी ट्रम्प के ईरान संबंधी फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा भी हो सकती है।

पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम:

बीते 24 घंटों के दौरान अमेरिका और ईरान से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। ईरान के एक अधिकारी ने दावा किया कि अमेरिका ने Bushehr (बुशहर) परमाणु ठिकाने के पास हवाई हमला किया, हालांकि परमाणु सुविधा को किसी नुकसान की जानकारी नहीं दी गई। वहीं ईरान ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए Bahrain (बहरीन), Kuwait (कुवैत) और Jordan (जॉर्डन) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। संबंधित देशों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।

इसी दौरान ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में China (चीन) और Russia (रूस) से जुड़े एक रणनीतिक रेलवे पुल पर क्रूज मिसाइल से हमला किया। दूसरी ओर, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं Al Jazeera (अल जज़ीरा) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने संभावित नौसैनिक नाकाबंदी की आशंका के बीच एक ही रात में लगभग एक करोड़ बैरल कच्चा तेल और फ्यूल ऑयल निर्यात के लिए भेजा।

CENTCOM का बयान और होर्मुज स्ट्रेट पर स्थिति:

अमेरिकी CENTCOM (सेंट्रल कमांड) ने कहा है कि Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) पर ईरान का कोई नियंत्रण नहीं है। CENTCOM ने ईरानी मीडिया के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाज केवल ईरान द्वारा निर्धारित मार्ग का ही उपयोग कर सकते हैं। अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार मई की शुरुआत से अब तक 800 से अधिक कारोबारी जहाजों और लगभग 38 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराई गई है।

पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने जताई चिंता:

पूर्व अमेरिकी मरीन अधिकारी Dan Grazier (डैन ग्रेजियर) का कहना है कि Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) पर ईरान की रणनीति का स्थायी समाधान अमेरिका अभी तक नहीं खोज पाया है। उनके अनुसार ईरान को अपनी क्षमता दिखाने के लिए बड़े हमलों की आवश्यकता नहीं है और सीमित सैन्य गतिविधियां भी अमेरिका तथा इजराइल के लिए चुनौती पैदा कर सकती हैं।

अमेरिका ने बातचीत जारी रखने की कही बात:

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश जारी है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता जारी है और क्षेत्रीय मध्यस्थ भी संवाद बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि गुरुवार को ईरान में हुए ताजा धमाकों में अमेरिकी सेना शामिल नहीं थी।

खामेनेई से जुड़े घटनाक्रम पर नजर:

ईरान की Tasnim News Agency (तस्नीम न्यूज एजेंसी) के अनुसार पूर्व सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei (अयातुल्ला अली खामेनेई) के लिए Qom (कुम) में शोकसभा आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी अगुवाई उनके बेटे Mojtaba Khamenei (मोजतबा खामेनेई) द्वारा किए जाने की बात कही गई। वहीं दूसरी ओर अन्य रिपोर्टों में Mashhad (मशहद) स्थित Imam Reza Shrine (इमाम रजा दरगाह) में उनके दफनाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इन घटनाक्रमों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं और संबंधित पक्षों की ओर से सभी दावों पर एक समान आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव:

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। Brent Crude (ब्रेंट क्रूड) और WTI (डब्ल्यूटीआई) दोनों में मामूली कमी देखने को मिली, हालांकि साप्ताहिक आधार पर दोनों प्रमुख बेंचमार्क अब भी बढ़त पर बने हुए हैं।

कूटनीतिक प्रयासों पर भी जोर:

लगातार दो दिन तक बड़े हमलों के बाद गुरुवार को अमेरिका की ओर से कोई नई एयरस्ट्राइक नहीं की गई। रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प प्रशासन तनाव कम करने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत जारी रखने की दिशा में प्रयास कर रहा है। बताया गया कि Qatar (कतर), Pakistan (पाकिस्तान) और अन्य क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

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