बदल रहा कश्मीर…

जम्मू-कश्मीर की कहानी सैकड़ों साल पुरानी है. इसका गौरवशाली इतिहास इसकी पहचान है. लेकिन 1947 के बाद उस गौरवशाली इतिहास पर आतंक की ऐसी लकीर खींच दी गई कि जम्मू-कश्मीर का स्वरूप हमेशा के लिए बदल गया. हक के लिए लड़ता कश्मीरी, सड़कों पर तैनात सुरक्षाबल और पाकिस्तान की नापाक साजिशें, घाटी की ये पहचान बन गई. आजादी के 72 साल बाद जम्मू-कश्मीर की उस पहचान को बदलने के लिए इतिहास फिर गढ़ा गया और खत्म हुआ अनुच्छेद 370.

ये 2022 का जम्मू और कश्मीर है. पीएम मोदी के संकप्ल और मनोज सिन्हा के उप राज्यपाल बनने के बाद यहाँ बात केवल सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की होती है. करीब सवा करोड़ जनसँख्या वाले जम्मू और कश्मीर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 20 लाख 86 हज़ार परिवार पंजीकृत हैं, जिनमे से करीब 73 लाख 11हज़ार को गोल्डन कार्ड भी जरी हो चूका है. यहाँ समग्र शिक्षा अभियान के तहत 1588 ICT, 1423 कंप्यूटर लैब, 803 वोकेशनल लैब बनाये गए हैं और करीब 47 करोड़ 22 लाख से 7 लाख 88 हज़ार बच्चों की ड्रेस और इतने ही पैसों से करीब 5 लाख 96 हज़ार बच्चों के किताबों की व्यवस्था की गई है. वहीँ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में 86 हज़ार 130 घर और शहर में 13 हज़ार 817 घर बनाये जा चुकें हैं. 106 प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे हैं. स्वक्ष भारत मिशन के तहत पूरा राज्य ODF फ्री हो चूका है. जल जीवन मिशन के तहत करीब 57.89 फिसद घरों में कनेक्शन दिए हैं. ऐसी कई योजनायें हैं जो जम्मू और कश्मीर उसके स्वर्ग होने के अनुभूति को शक्ति प्रदान कर रहीं हैं.

जानकारी के अनुसार जम्मू और कश्मीर राज्य में एम्पोवेर्मेंट पोर्टल पर करीब 38 हज़ार 688 काम ऑनलाइन उपलब्ध है. सतर्क नागरिक मोबाइल एप पर 24 घंटे सुविधा उपलब्ध है, जहाँ करप्शन और हरासमेंट की शिकायत की जा सकती है. नागरिकों के जमीन के रिकॉर्ड के लिए आपकी जमीन आपकी निगरानी योजना के तहत लैंड्स रिकॉर्ड पोर्टल की व्यवस्था की गई है. अब यहाँ नागरिकों को QR कोड के साथ लैंड पासबुक मिलता है, जिसमे उनका एक यूनिक नंबर होता है. वो 15 साल के बाद भी जमीन बेच सकते हैं. यहाँ IBPS के तहत बैंकिंग सेवाओं में 1850 पदों को भरा जा चूका है जिनमे से 350 PO और 1500 बैंकिंग एसोसिएट हैं.

अब यदि आतंकवाद और ड्रग्स की करें तो अब जम्मू कश्मीर भय मुक्त हो चूका है, ये मैं नहीं आंकड़े कहते हैं. इस बिच शीर्ष के 44 कमांडरों सहित 182 आतंकवादी मारे जा चुके हैं. 89 आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है. 670 आतंकी गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है. वहीँ बात यदि ड्रग्स और नारकोटिक्स की करें तो 1678 केस पंजीकृत हुए हैं, 2586 क्रिमिनल्स को गिरफ्तार किया गया है और 10 नार्को टेरर मोड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है. 2021 के आंकड़ों के अनुसार 32 फिसद आतंकी भारती में गिरावट आई है, 33 फिसद घुसपैठ में कमी आई है, 90 फिसद संघर्ष विराम उलंघन में कमी आई है.

अब जम्मू कश्मीर में बहुत सारी सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं. जैसे इ उन्नत पोर्टल के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट इत्यादि बनवाना आसान हो गया है. राज्य में कई जगह वाई फाई और डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था की गई है. यहीं नहीं करीब 5 हज़ार करोंड़ के निवेश से बिजली व्यवस्था को मजबूत बने गया है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2018 से 2022 तक 2526 प्रोजेक्ट के तहत 2071 बस्तियों को जोड़ते हुए 17336 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है. वहीँ 2021-22 में नाबार्ड के तहत 1585.26 करोड़ के प्रोजेक्ट के काम हुआ है. सड़क के मामले में जम्मू और कश्मीर भारत में तीसरे नम्बर का राज्य बनकर उभरा है.

जम्मू और कश्मीर अध्योगिक विकास के लिए करीब 55 हज़ार करोड़ निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 2 लाख 53 रोजगार की संभावनाएं पैदा हुई हैं. राज्य में कृषि विकास के आंकडें अद्भुद हैं. किसान क्रेडिट कार्ड के कवरेज को 7 लाख पचास हज़ार से बढ़ा कर अप्रैल 2022 के अंत तक 12लाख 48 हज़ार कर दिया गया. वहीँ प्रदह्न्मंत्री किसान योजना शत प्रतिशत संतृप्त है. मई 2022 तक पात्र किसानों के बैंक खतों में 199.123 करोड़ सीधे जमा किया गया है.

राज्य में योग्यता से रोजगार योजना के तहत 2021-22 में 20 हज़ार से पदों के लिए विज्ञापन निकले गए और उनमे से 11 हज़ार 508 का चयन भी हुआ और शेष फ़ास्ट ट्रक मोड पर प्रक्रियाधिन है. राज्य में 17 लाख युवा सपोर्ट में शामिल है, जिनमे से 1 लाख 26 हज़ार कोचिंग ले रहे हैं. वहीँ 2021-22 में राष्ट्रिय स्तर की प्रतियोगिताएं में 77 ने गोल्ड, 95 ने सिल्वर और 112 ने ब्रोंज़ मेडल जीता है.

राज्य में 63 हज़ार 656 सेल्फ हेल्प ग्रुप्स है जिसके तहत 5 लाख 29 हज़ार महिलाओं को फायदा मिला रहा है. जिनमे 180.21 करोड़ स्वयं सहायता समूह की बचत है और उम्मीद JKRLM के तहत 956.60 करोड़ का बैंक ऋण दिया गया है.

राज्य में पिछले एक साल में 25 हज़ार सीटों के साथ 50 नए कॉलेज शुरू किये गए, जो 70 सालों में पहली बार हुआ. इसके साथ ही 2केन्द्रीय विश्वविद्यालय, 1 NIT, 1 NIFT, 1 IIMC, 1 IIT और 1 IIM को सर्वोत्तम संरचना के साथ स्थापित किया गया है. वहीँ 7200 करोड़ के निवेश के साथ 2 नए AIIMS, 7 नये मेडिकल कॉलेज, 5 नए नर्सिंग कॉलेज का निर्माण, 10 नर्सिंग कॉलेज का विकास, 2 राज्य कैंसर इंस्टिट्यूट और 221 अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ है. राज्य में 149 नए ऑक्सीजन प्लांट बनाये गए हैं, यहाँ पहले केवल 24 प्लान्त थे, अब इनकी संख्या 173 हो गयी है.

स्वर्ग सी खुबसूरत वादियों के लिए मशहूर कश्मीर कब आतंक की गोद में समां गया, ये खुद कश्मीर के लोग नहीं समझ सके. लेकिन अब कश्मीर अपने उस खुबसूरत रूप में वापस लौट रहा है. यहाँ रोजगार है, शिक्षा है, अस्पताल है, सुरक्षा है. तभी तो केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषण देते वक़्त बुलेट प्रूफ सुरक्षा को हटवा दिया था. खैर कश्मीर में हुए विकास कार्यों को बताने के लिए अभी बहुत कुछ बाकि है लेकिन फिलहाल इतना ही.

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