मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट 23 जुलाई को पेश होगा। आम आदमी से लेकर युवाओं को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदे हैं। सबसे बड़ी समस्या युवा वर्ग के लिए बेरोजगारी है। पेपर लीक और सरकारी पदों ने न भरने से यूथ की उम्मीद टूट रही है। लाखों युवा नौकरी पाने के लिए भटक रहे हैं। सरकार से जॉब की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि क्या केंद्र सरकार युवाओं के लिए नौकरी का पिटारा खोलती है या नहीं।
2024 का चुनाव में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा था. ऐसे में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए अब कई संस्थाएं आगे आ रही है।इन्हीं में से एक व्यापार इंडिया एसोसिएशन जिसने पूर्वांचल के युवाओं को रोजगार दिलाने की बीड़ा उठाया है। संस्था की ओर से 13 से 15 सितंबर तक वाराणसी में एक ग्लोबल सबमिट का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश की 200 से अधिक कंपनियां वाराणसी आएगी और रोजगार की संभावनाओं को तलाशेगी।
संस्था की ओर से कुणाल मिश्रा ये कोशिश की कर रहे हैं कि वाराणसी में मैनिफाक्चरिंग प्लांट डाला जाए। वाराणसी आने वाली कंपनियों में सोलर, एग्रीकल्चर, रिटेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड एंड प्रोसेसिंग प्रमुख है।
आखिर क्यों हैं नौकरी की कमी?
नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर लिस्टेड पदों की संख्या बढ़कर 1.09 करोड़ हो गई है, जबकि नौकरी के लिए पंजीकरण करवाने वालों की संख्या 87.2 लाख है। जॉब्स की संख्या बढ़ने के बावजूद युवाओं को काम नहीं मिल रहा है। इसकी वजह जॉब के लिए पैरामीटर्स पर उम्मीदवार का खरा न उतरना है। वहीं, कुछ मामलों में संविदा या कम वेतन होने पर लोग नौकरी के लिए आवेदन नहीं करते हैं।
बजट में युवाओं पर फोकस होगा
बजट युवाओं पर केंद्रित हो सकता है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार बजट में कई बड़े एलान कर सकती है। भारतीय उद्योग परिसंघ ने प्री बजट रिपोर्ट में रोजगार को लेकर सुझाव दिए हैं। इस बजट के लिए सीआईआई ने सर्विस सेक्टर प्रोत्साहन स्कीम को लागू करने को कहा है। इस सेक्टर में एनीमेशन, गेमिंग, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और मनोरंजन क्षेत्र शामिल है।
स्किल्ड डेवलपमेंट को बढ़ावा देना चाहिए
देश में स्किल्ड डेवलपमेंट से युवाओं को काफी फायदा मिला है। CII ने सुझाव दिया है कि नए रोजगार पैदा करने के लिए कौशल विकास को बढ़ावा देना चाहिए। देश में पीएम कौशल विकास योजना चलाई जा रही है, जिसमें आने वाले सालों में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने का टारगेट रखा गया है।