तक़रीबन डेढ़ सौ से ज्यादा हाफ एनकाउंटर करने वाले, MBBS से IPS का सफ़र तय करने वाले प्रतिभा के धनी कहे जाने वाले डॉ. ईराज राजा गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक बने तो चर्चाएं तेज हो गयीं. वर्ष 2023 में उन्होंने जालौन में पहली बार पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला था और वर्ष 2011 में मेरठ से एमबीबीएस की परीक्षा पास की थी, उसके बाद बिजनौर में चिकित्सा अधिकारी के पद पर रहने के दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद वर्ष 2017 में उनका चयन आइपीएस के लिए हुआ। आइपीएस बनने के बाद उन्हें पहली तैनाती लखनऊ में मिली। इसके बाद मेरठ में एएसपी रहे। यहां से फिर गाजियाबाद ग्रामीण क्षेत्र का कार्यभार संभाला। यहाँ तक के सफ़र में उनके नाम कई उपलब्धिया हैं. उनके नाम से अपराधियों में खौफ रहता है, डेढ़ सौ के करीब हाफ एनकाउंटर किया है उन्होंने. युवा हैं, तेज तर्रार हैं, शासन को उनके कार्य पर भरोसा है और अब गाज़ीपुर में हैं.
गाज़ीपुर वो जिला बन चूका है जिसकी चर्चा अब केवल गाज़ियाबाद से हैदराबाद तक ही नहीं कियोमिजू-डेरा तक भी होती होगी. आप विचलित मत होइए ये जापान वाले क्योटो के बगल की जगह है , जैसे काशी के बगल में लहुरी काशी.
मुख्तार अंसारी के मृत्यु के बाद भी गाज़ीपुर में अभी सरकार के लिए काम कम नहीं हैं. लोकसभा चुनाव की चुनौती थी, स्वयं केन्द्रीय गृह मंत्री पधारे थे कि अंसारी परिवारे तइको अपवानुं बंध करो, अमाने साथ आपो, अमे विकास करविषुम्। अरे भईया ये गुजराती में था गज़िपुरिया में समझ लीजिये, कि छोड़ो ई अंसारी परिवार का साथ देना, हमारा साथ दो, हम विकास देंगें.
अब गुजराती बोलने में कोई गलती हो गयी हो क्षमा कीजियेगा. खैर चुनौती केवल चुनाव तक नहीं था, इधर उत्तर प्रदेश वाली चुनौती अलग है, साम्राज्य का ज भी नहीं बचना चाहिए, भले अपना ही… वैसे ज से याद आया जाबाज IPS डॉ. ईराज राजा का, वो अब गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक हैं, मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद और उनके आने से पहले कानून की किताब में मुख्तार अंसारी के साथ जिसका नाम जुड़ा है उनमे से कुछ की गिरफ्तारियां हुई हैं और अब नामी प्रॉपर्टी डीलर गणेश दत्त मिश्र की भी गिरफ्तारी हुई हैं.
गाज़ीपुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया है कि मा0न्यायालय सिविल जज(एस0डी0)(एफ0टी0सी0) गाजीपुर द्वारा जारी एन0बी0डब्लू0 मु0नं0 14501/21 धारा 138 NI Act. व फौ0मु0नं0 14502/21 धारा 138 NI Act. से सम्बन्धित अभियुक्त गणेश दत्त मिश्रा पुत्र शिवशंकर मिश्रा जिनकी उम्र करीब 58 वर्ष है, जो IS-191 गैंग के सहयोगी है उसे उसके घर से समय करीब 11.10 बजे गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
गणेश दत्त मिश्र का नाम पहले भी चर्चाओं में रहा जब एक छ मंजिला ईमारत को गिरा दिया गया था, इस मामले में गणेश दत्त मिश्र ने मीडिया से बताया था कि ये ईमारत उनके पिता के नाम पर थी. गणेश दत्त मिश्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया. मुझे कानून के धाराओं के बारे में समझ कम है लेकिन गणेश दत्त मिश्र के ऊपर जो मुक़दमे हैं उससे यही समझ आता है कि गणेश दत्त मिश्र पर डरा धमकाकर वसूली करने, धोकाधड़ी, शांति भंग करने, अपराधिक धमकी देने, चुनाव के सिलसिले में अवैध खर्च, महामारी एक्ट का उल्लंघन, दस्तावेजों की जालसाजी, आपराधिक साजिश जैसे आरोप हैं.
गाज़ीपुर में जखनिया विधानसभा के विधायक बेदीराम के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हुआ था, उन्हें 26 जुलाई तक पेश होना था, लेकिन हुआ क्या?
रेलवे ग्रुप डी की भर्ती के मामले में की गई धांधली को लेकर 19 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट में हाज़िर न होने पर बीते 11 जुलाई को विधायक बेदी राम, विपुल दुबे समेत कई आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
गुरुवार को आरोपी बेदी राम, विपुल दुबे, अवधेश, शिव बहादुर सिंह, एके सिंह, अख्तर हुसैन, धर्मेंद्र कुमार व राम कृपाल ने कोर्ट में हाज़िर होकर वारंट को निरस्त करने की मांग वाली अर्जी दी। जिस पर कोर्ट ने आरोपियों को 50-50 हज़ार का निजी मुचलका दाखिल करने पर, इस शर्त के साथ वारंट निरस्त करने का आदेश दिया कि वह नियत तिथि पर आरोप तय किए जाने के लिए व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे।
पत्रावली के अनुसार, मामले में 26 फरवरी 2006 को एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडे और उनकी टीम ने आरोपियों विपुल दुबे व बेदी राम, संजय श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार, मनोज कुमार मौर्य, शैलेश कुमार सिंह, राम कृपाल सिंह, भद्रमणि त्रिपाठी, आनंद कुमार सिंह, कृष्णकांत, धर्मेंद्र कुमार, रमेश चंद्र पटेल, मोहम्मद असलम, अवधेश सिंह, सुशील कुमार व अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपियों के पास से रेलवे भर्ती ग्रुप डी के 26 फरवरी 2006 की परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र के अलावा कई वाहन बरामद किए थे।
बेदीराम राम, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं, वही ओम प्रकाश राजभर जो कभी मुख्तार अंसारी से मिलने जेल में गये थे. उनसे अपने सम्बन्ध भी बताते हैं.
समाज में कोई व्यक्ति कुछ भी बर्दास्त कर सकता है लेकिन बहन बेटी की इज्जत और अपने भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं कर सकता है.
अब बेदीराम के ऊपर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप है. यानि परीक्षा के पेपर लीक करवाने या करने का आरोप. इन्हें पेपर लीक माफिया कहा गया है.
अब भईया अपराध तो अपराध है और ऐसी ख़बरें हमें बताती है कि यदि अच्छे समाज का निर्माण करना है तो उसमे अपराध का कोई स्थान नहीं होना चाहिए.
गाज़ीपुर एक चर्चित जिला बन चूका है और अब नए पुलिस अधीक्षक से कई उमीदें हैं. गाज़ीपुर से ख़बरें आती रहती हैं कि किसी दबंग ने किसी कमजोर को प्रताड़ित किया, गंगा पार से अवैध खनन हुआ, अवैध शराब की तस्करी, हिरोइन और गांजा की तस्करी, राजस्व के मामले में अवैध तरीके से पुलिस के हस्तक्षेप की भी बात लोग करते हैं, शहर और गाँव के कुछ दबंग व्यापारियों द्वारा चौकी और थानों से दोस्ती कर क़ानून व्यवस्था को भ्रमित करने की भी खबर आती है, पत्रकारिता या अन्य पेशे की आड़ में पुलिस से दोस्ती कर और उन्हें भ्रम में रखकर व्यापारियों से अवैध वसूली करने की भी चर्चा होती है, नाबलिकों द्वारा वाहन चलाना और सबसे महत्वपूर्ण नागरिक के साथ पुलिस का व्यवहार या बात करने का तरीका इत्यादि. ऐसी कुछ गंभीर समस्याओं की खबर आती रहती है, जो सुनने में छोटी लगती है लेकिन है बहुत गंभीर. इसका समाधान अति आव्यश्यक है.
मुझे कानून की जानकारी थोड़ी कम है, आम भाषा में जो समस्याएं हैं उसे बताने का प्रयास किया है मैंने. धन्यवाद.

