गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में महाविद्यालय के नवागत शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा विज्ञान संकाय के प्राध्यापक डॉ. मयंक श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लाने के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई।
नवागत शिक्षकों का हुआ स्वागत और सम्मान:
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में नवागत शिक्षक अमृता सिंह और मिथिलेश सिंह को सम्मानित किया गया। कॉलेज परिवार की ओर से दोनों शिक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न और प्रमाण-पत्र भेंट किए गए। इस अवसर पर नवागत शिक्षकों से संस्था के शैक्षणिक विकास में योगदान की उम्मीद जताई गई।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी मिला सम्मान:
समारोह में महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. लवजी सिंह और डॉ. रामनारायण तिवारी को भी सम्मानित किया गया। कॉलेज परिवार ने उनके योगदान और अनुभव को सम्मान के साथ याद किया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया गया।
डॉ. मयंक श्रीवास्तव को विशेष सम्मान:
विज्ञान संकाय के प्राध्यापक डॉ. मयंक श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लाने के लिए समारोह में विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। प्राचार्य ने कहा कि इस तरह के शोध कार्यों से कॉलेज की प्रतिष्ठा बढ़ती है।
संस्थापक की शताब्दी जयंती का भी उल्लेख:
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के संस्थापक की शताब्दी जयंती को लेकर भी चर्चा हुई। कॉलेज वर्तमान में अपने संस्थापक की शताब्दी जयंती मना रहा है। इसके तहत विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षक दिवस समारोह में भी इस विशेष अवसर का उल्लेख किया गया।
शिक्षक को बताया राष्ट्र निर्माता:
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज को दिशा प्रदान करता है, इसलिए वह राष्ट्र निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क के अंधकार को मिटाकर उसे प्रकाशमान करता है और सही मार्ग का अनुसरण करने का रास्ता बताता है।
नवागत शिक्षकों की ऊर्जा से संस्था को मिलेगी मजबूती:
प्राचार्य प्रोफेसर राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने नवागत शिक्षकों का कॉलेज परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और समर्पण से संस्था और आगे बढ़ेगी। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर समर्पण के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा:
प्राचार्य ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का माध्यम बन सकता है। इसी क्रम में उन्होंने डॉ. मयंक श्रीवास्तव की उपलब्धियों की भी सराहना की और उनके शोध कार्यों को महाविद्यालय की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा।
कॉलेज परिवार और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा:
शिक्षक दिवस के इस समारोह में स्टाफ सदस्यों, विद्यार्थियों और अतिथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किए गए शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह का माहौल गरिमापूर्ण और उत्साहपूर्ण रहा। कॉलेज परिवार की ओर से सभी सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं दी गईं।
शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर समर्पण को बताया सफलता:
समारोह के समापन अवसर पर प्राचार्य ने सभी सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर समर्पण ही सच्ची सफलता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह में नवागत शिक्षकों का स्वागत, सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान और विशेष उपलब्धि के लिए डॉ. मयंक श्रीवास्तव का सम्मान प्रमुख आकर्षण रहा। इस तरह कार्यक्रम कॉलेज परिवार के लिए यादगार अवसर बन गया।
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