चंदौली जिले के Talashpur Mod (तलाशपुर मोड़) में लंबे समय से लंबित विद्युतीकरण कार्य आज भी शुरू नहीं हो सका है। Amda Feeder (अमडा फीडर) के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के लिए बिजली विभाग की ओर से अब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की सुविधा न मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि रात के समय सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी लगातार बनी रहती हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद केवल आश्वासन मिलने का आरोप लगाया जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लंबित टेंडर से रुका विद्युतीकरण कार्य:
स्थानीय लोगों के अनुसार UPPCL (उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की ओर से अब तक विद्युतीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यह कार्य अधूरा पड़ा है और विभागीय स्तर पर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रत्येक बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला लंबित छोड़ दिया गया।
बिजली नहीं मिलने से बढ़ीं रोजमर्रा की मुश्किलें:
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। शाम होते ही पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रात के समय सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण चोरी की घटनाओं और जंगली जानवरों के आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोग आज भी ढिबरी, लालटेन और सोलर व्यवस्था के सहारे रात बिताने को मजबूर हैं।
डिजिटल दौर में भी रोशनी से वंचित क्षेत्र:
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार हर घर तक बिजली और डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, लेकिन Talashpur (तलाशपुर) की जमीनी स्थिति अलग दिखाई देती है। Barahani Block (बरहनी विकासखंड) के अंतर्गत Chandauli (चंदौली) जिले में NH-24 पर स्थित तलाशपुर मोड़ आज भी बिजली की नियमित सुविधा से वंचित है। स्थानीय लोगों के अनुसार आधुनिक समय में भी क्षेत्र के निवासी बुनियादी विद्युत सुविधा का इंतजार कर रहे हैं।
20 मकान, कई प्रतिष्ठान फिर भी नहीं हुआ विद्युतीकरण:
ग्रामीणों के अनुसार तलाशपुर मोड़ पर लगभग 20 मकान, 40 से 50 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, मैरेज लॉन और Hero Agency (हीरो एजेंसी) स्थित है। इसके बावजूद अब तक क्षेत्र का विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण स्थान पर बिजली सुविधा का अभाव स्थानीय व्यापार और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित कर रहा है।
सांसद के पत्र के बाद भी प्रक्रिया लंबित:
स्थानीय लोगों के अनुसार Chandauli MP (चंदौली सांसद) द्वारा 24 अप्रैल 2025 को विद्युत विभाग को लिखित पत्र भेजा गया था। इसमें 25 केवीए ट्रांसफार्मर, 12 पोल और विद्युत तार लगाने का प्रस्ताव दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य स्वीकृत होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया लंबित है, जिसके कारण विद्युतीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
धरना-प्रदर्शन की चेतावनी:
स्थानीय निवासियों ने कहा है कि यदि शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर विद्युतीकरण का कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे बिजली विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है।
इस संबंध में प्रार्थना पत्र देने वालों में Narendra Singh (नरेन्द्र सिंह), Anand Singh (आनंद सिंह), Tej Bahadur Singh (तेज बहादुर सिंह), Rajesh Pandey (राजेश पांडेय), Shambhu Gupta (शंभू गुप्ता), Shashikant Gupta (शशिकांत गुप्ता), Radhe Shyam Gupta (राधे श्याम गुप्ता), Shyam Lal Gupta (श्याम लाल गुप्ता), Mohit Jaiswal (मोहित जायसवाल), Gufran Khan (गुफरान खान), Mitthu Singh (मिट्ठू सिंह), Arvind Singh (अरविन्द सिंह), Shyam Dulari Yadav (श्याम दुलारी यादव), Rudal Yadav (रुदल यादव) सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल