गाजीपुर : लोकतंत्र की सामूहिक हत्या पर विपक्ष का तांडव
अभिनेन्द्र की कलम से… हमारे देश में पत्रकारिता दो हिस्सों में बट गई है. लेकिन पत्रकार से पीआर बनने के दौर में अभी भी पत्रकारिता का अस्तित्व जिन्दा है. भले ही विशेष विचारधारा से ग्रसित होकर पत्रकारिता में निष्पक्षता ख़त्म हो रही है और पत्रकारिता…