तवायफों का गाँव बसुका? अफवाह या सच? सामने आया नया विवाद…
सैकड़ों वर्षों पूर्व काशी और पटना के बिच एक महफ़िल सजती थी. जहाँ बड़े बड़े लोग नृत्य कला का आनद लेने जाते थे. ग़ज़ल और ठुमरी की कला से इस स्थान की अलग पहचान थी. इस जगह को कभी द विलेज ऑफ़ तवायफ यानि तवायफों की बस्ती भी कहा जाता था. जो बसुका के नाम…
Ghazipur: मुजरे के आगे दबंग हुए चित, एक बार फिर सजेगी महफ़िल…
खुशियाँ बाँट दी सबको, पर खुद की हसरतें अभी राख हैं. दिल तवायफ बन गया है, पर जिस्म अभी भी पाक है.. ये रिपोर्ट शायद इस शायरी को चरितार्थ कर दें यूँ तो तवायफों की कहानियां कई है और दर्द भरी भी हैं. फिल्मों में तवायफों के कई रूप दिखाए गयें और उन तस्वीरों को…