Report : Haseen Ansari
गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों बाद शिक्षकों के जिले के अंदर समायोजन की आस जगी है। 30 सितंबर 2023 की छात्र संख्या के आधार पर मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के एक से दूसरे विद्यालय में तबादले किए जाएंगे। लोकसभा चुनाव के बाद सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में तैनात किया जाएगा।
जिले में 8346 शिक्षक, 2656 शिक्षामित्र और 398 अनुदेशकों की तैनाती है। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित जिन प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे कम हैं और शिक्षक ज्यादा हैं वहां से शिक्षकों को हटाते हुए अधिक बच्चों वाले विद्यालय में भेजा जाएगा। इस संबंध में छात्र संख्या के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों और बच्चों का ब्यौरा दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। ताकि पोर्टल से ही शिक्षकों का एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया जा सके। ये प्रक्रिया जून तक पूरी कर ली जाएगी। जिले में काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जहां पर शिक्षकों और बच्चों का अनुपात बराबर नहीं है। 56 विद्यालय आज भी एकल हैं। कई विद्यालयों में बच्चों की संख्या 25 से 30 है और शिक्षकों की संख्या चार से पांच है। इसके बीच कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां शिक्षकों की संख्या दो से तीन है लेकिन वहां बच्चों की संख्या 200 से 300 है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग का प्रयास है कि इस अनुपात में सुधार किया जाए। जबकि प्राथमिक विद्यालय में निर्धारित मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक, 45 पर दो, 60 पर तीन, 75 पर चार और 90 बच्चों पर पांच शिक्षक होने चाहिए। यह मानक ज्यादातर प्राइमरी विद्यालयों में नहीं है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम प्रति कक्षा एक शिक्षक विज्ञान और गणित का, दूसरा सामाजिक विषय और तीसरा भाषा का होना चाहिए। या 35 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए लेकिन वर्षों से समायोजन न होने के कारण विद्यालयों में शिक्षकों का अनुपात काफी खराब हो चुका है। गैर जिला स्थानांतरण और सेवानिवृत्त होने से कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो गई है लेकिन छात्र संख्या पहले जैसी होने से पठन-पाठन प्रभावित हुआ है।
बेसिक शिक्षा सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिया है कि समायोजन से पूर्व मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों के सारे विवरण को सही करा लें, जिससे मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से समायोजन की प्रक्रिया पूरी हो सके।- हेमंत राव, बेसिक शिक्षा अधिकारी
