उत्तर प्रदेश में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) यानी “विशेष गहन पुनरीक्षण” अभियान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Election Commission of India (ECI) द्वारा शुरू किया गया यह अभियान मतदाता सूची (voter-list) को पूरी तरह से शुद्ध और सटीक बनाने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक या अवैध नाम हटाए जा रहे हैं और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। 4 नवंबर 2025 से यूपी में इसका काम शुरू हो चुका है और BLO घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को BLO की जिम्मेदारी दिए जाने पर व्यापक असंतोष देखने को मिल रहा है। देखें वीडियो:
SIR अभियान और फॉर्म भरने की प्रक्रिया: इस अभियान के तहत BLO (Booth Level Officer) घर-घर जाकर “एन्यूमरेशन फॉर्म” दे रहे हैं। नागरिकों को यह फॉर्म पूरा भरकर जमा करना होता है, जिसमें नाम, जन्मतिथि, अभिभावक या जीवनसाथी का नाम, EPIC नंबर और पासपोर्ट साइज़ फोटो शामिल होते हैं। फॉर्म की एक प्रति घर में रहती है और दूसरी BLO जमा करता है। फॉर्म न भरने या गलत जानकारी देने की स्थिति में मतदाता सूची से नाम हटने का खतरा रहता है। साथ ही दो जगह या दो राज्यों में दोहरी प्रविष्टि करने पर दंडित किए जाने के नियम भी लागू होते हैं।
टीचरों पर अतिरिक्त कार्यभार का आरोप: यूपी में आरोप है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को BLO बनाकर मतदाता सूची अपडेट करने के काम में लगाया गया है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। कई जिलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिनका संबंध SIR ड्यूटी के दबाव से जोड़ा जा रहा है।
ड्यूटी के दौरान कर्मचारी मौतें बढ़ीं: अभी तक SIR ड्यूटी में लगे 4 कर्मचारियों की जान जा चुकी है। बरेली में BLO सर्वेश कुमार गंगवार की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। इससे पहले एक लेखपाल और एक टीचर ने तनाव के कारण आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक शिक्षामित्र की ब्रेन हैमरेज से मौत हो चुकी है।
नोएडा में बढ़ता विरोध—शिक्षामित्र ने दिया इस्तीफा: नोएडा में एक महिला टीचर के इस्तीफे के बाद अब एक महिला शिक्षामित्र ने भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा कि 20 वर्षों से पढ़ा रही हूं, लेकिन SIR कार्यभार के दबाव ने मानसिक रूप से तोड़ दिया है। आरोप है कि अधिकारी शिक्षकों पर जबरन काम कराने के लिए अनुचित दबाव बना रहे हैं। हाजीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र कविता के पास बूथ 737 की जिम्मेदारी थी, जहां 1,357 मतदाताओं में से केवल 21 का ऑनलाइन डेटा फीड हो पाया था।
टीचर संगठनों ने उठाई आवाज: टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी ने कहा कि शिक्षकों पर FIR करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाया जाएगा।
फतेहपुर में लेखपाल की मौत के बाद मामला गर्माया: फतेहपुर में SIR ड्यूटी में लगे लेखपाल ने शादी से एक दिन पहले ही तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने कानूनगो पर प्रताड़ना का आरोप लगाया, जिसके बाद FIR दर्ज हुई। घरवालों ने 30 घंटे तक शव उठाने नहीं दिया था।
गोंडा में टीचर BLO की मौत से मचा हड़कंप: गोंडा में SIR ड्यूटी में लगे टीचर विपिन यादव ने जहर खाकर जान दे दी। उन्हें गंभीर हालत में पहले मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ के KGMU में भर्ती कराया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
प्रयागराज में कड़ी कार्रवाई—40 BLO का वेतन रोका: प्रयागराज DM मनीष वर्मा ने SIR कार्य में लापरवाही पर 40 BLO का वेतन रोक दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दोबारा लापरवाही मिलने पर मुकदमा और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। सबसे ज्यादा गैरजिम्मेदार BLO शहर उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्रों में मिले हैं।
अखिलेश यादव का BLO के नाम खुला पत्र: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोएडा की घटना के बाद राज्य के 1.62 लाख BLO को खुला पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR का टारगेट देकर BLO के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है और भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों को इतना मुश्किल बना दिया है कि लोग नौकरी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि BLO आखिर कब तक इस राजनीतिक दबाव का खामियाजा भुगतेंगे।
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