अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर (Ram Mandir) के चढ़ावा प्रकरण को लेकर जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में कुछ लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सिफारिश किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित एजेंसियों की ओर से अंतिम आधिकारिक निर्णय की प्रतीक्षा है।
रिपोर्ट में कई नामों का उल्लेख होने का दावा:
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े महासचिव चंपत राय (Champat Rai), ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा (Dr. Anil Mishra), निर्माण प्रभारी गोपाल राव (Gopal Rao) समेत कुल 17 लोगों का उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि जांच टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर इनकी भूमिका की समीक्षा की है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
आज फिर अयोध्या पहुंच सकती है एसआईटी:
सूत्रों के मुताबिक, जांच को आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी की टीम एक बार फिर अयोध्या पहुंच सकती है। जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियों को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ का क्रम जारी है।
150 से अधिक कर्मचारियों और सेवादारों की जांच:
जांच टीम ने मंदिर से जुड़े करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है। सूत्रों के अनुसार, 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति में बदलाव आने के बिंदु पर भी जांच की गई है। रिपोर्ट में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख होने की चर्चा है, जिनकी आर्थिक गतिविधियों की समीक्षा की गई है। इन तथ्यों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की जांच के बाद होगी।
राज्य सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट:
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी लगभग 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में करीब 150 लोगों से पूछताछ से जुड़ी जानकारियां शामिल होने की बात कही जा रही है। साथ ही चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं।
पांच वर्षों के ऑडिट की सिफारिश की चर्चा:
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश भी की गई है। इसके अलावा मंदिर प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा संचालन प्रणाली में सुधार से जुड़े सुझाव दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन सिफारिशों पर अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया जाएगा।
पीएमओ तक पहुंची रिपोर्ट होने की चर्चा:
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि राज्य सरकार के माध्यम से रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंचाई गई है। चर्चा है कि आगे की कार्रवाई और ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर निर्णय उच्च स्तर पर लिया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।
मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित:
इसी बीच राम मंदिर परिसर में शेषावतार मंदिर (Sheshavatar Mandir) के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज पूजन हुआ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी और संत उपस्थित रहे।
मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं:
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा प्रकरण को लेकर मंदिर परिसर और उससे जुड़े लोगों के बीच लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं होती रही हैं। कुछ जानकारियां मीडिया तक पहुंचने के बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बना। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Disclaimer:
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