लखनऊ | भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से लखनऊ में रहने वाले अपने परिवार से सैटेलाइट के जरिए बात की। खबर के अनुसार उन्होंने स्पेस स्टेशन का सीन दिखाया। इस दौरान वहां हुए सूर्याेदय को भी दिखाया। बातचीत के दौरान वो और उनके घरवाले काफी रोमांचित रहे। शुभांशु ने स्पेश स्टेशन पहुंचने से लेकर अब तक की गतिविधियों के बारे में भी घरवालों को बताया। उन्होंने बताया कि शुरुआत के 3 दिन सिर में भारीपन और असहजता महसूस हुई। लेकिन, अब खुद को वहां के माहौल में ढाल चुके हैं। खुद को बांधकर कभी छत, तो कभी दीवार से चिपककर सोते हैं। सोते कहीं और हैं और जगते कहीं और हैं। जो टारगेट उन्हें मिला है, वह समय पर पूरा हो जाएगा।
मीडिया से बातचीत में शुभांशु के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा कि करीब 15 मिनट तक हमारी वीडियो कॉल हुई। पूरा परिवार जुड़ा था। शुभांशु ने हमें अपने स्टेशन की लैब, सोने की जगह, काम करने की तकनीक और डाइनिंग सेटअप तक सब कुछ दिखाया। उन्होंने बताया कि हमने पूछा कि आप सोते कैसे हो? तो शुभांशु ने बताया कि हम लोग खुद को बेल्ट से बांध लेते हैं, वर्ना फ्लोट करने लगते हैं। उन्होंने सूर्योदय का नजारा भी दिखाया, जो बेहद शानदार था। अपने मिशन की प्रगति, लैब में हो रहे रिसर्च और दैनिक गतिविधियों की जानकारी भी दी।

शुभांशु शुक्ला एक्सियम-4 मिशन का हिस्सा हैं, जिसकी एक सीट के लिए भारत ने 548 करोड़ रुपए चुकाए हैं। यह एक प्राइवेट स्पेस फ्लाइट मिशन है, जो अमेरिकी स्पेस कंपनी एक्सियम, NASA और स्पेसएक्स की साझेदारी से हो रहा है। यह कंपनी अपने स्पेसक्राफ्ट में निजी अंतरिक्ष यात्रियों को ISS भेजती है। शुभांशु ISS में इंडियन एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स के 7 प्रयोग करेंगे। इनमें ज्यादातर बायोलॉजिकल स्टडीज हैं। वे NASA के साथ 5 अन्य प्रयोग करेंगे, जिसमें लंबे अंतरिक्ष मिशन के लिए डेटा जुटाएंगे। इस मिशन में किए गए प्रयोग भारत के गगनयान मिशन को मजबूत करेंगे।
