गाजीपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह को कोर्ट से राहत मिली है। सपना सिंह के जिला पंचायत सदस्य पद पर निर्वाचन के दौरान मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाने वाली अंजना सिंह की याचिका को अपर जिला जज प्रथम चंद्र प्रकाश तिवारी की अदालत ने सोमवार को 18 माह 11 दिन चली सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। कोर्ट ने 33 पेज में निर्णय सुनाया है। वहीं, अंजना सिंह ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगी।
भगवान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। चुनाव मैं ईमानदारी से लड़ी और जीती। यही वजह है कि लगातार दूसरी बार मेरे खिलाफ दायर की गई याचिका खारिज हुई। यह जनता की जीत है। –
सपना सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सपना सिंह ने सैदपुर प्रथम सीट से नामांकन किया था। वह पंकज सिंह चंचल की पत्नी और भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल की रिश्तेदार हैं। इस चुनाव में पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह की पत्नी अंजना सिंह ने भी नामांकन किया था। चुनाव में सपना सिंह को 31 मतों से निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इधर, सपना सिंह के जिला पंचायत सदस्य पद पर चुने जाने पर अंजना सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने 7 जून 2021 को जिला जज की कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें अंजना ने दावा किया कि दो-तीन मई को मतगणना के दौरान 9728 मत पाकर वह 470 मतों से विजयी हुई थीं, लेकिन मतगणना में हेराफेरी करके सपना सिंह को 31 मतों से विजयी घोषित कर दिया गया।
हालांकि पोषणीयता के बिंदु पर 22 अप्रैल 2022 को याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद अंजना सिंह हाईकोर्ट की शरण में गई। वहां से आदेश होने के बाद अपर जिला जज प्रथम की कोर्ट में विचारण की कार्यवाही शुरू हुई। दोनों पक्षों की तरफ से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। 13 दिसंबर को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बहस पूरी कर ली। इसके बाद न्यायालय ने फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित कर ली।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि याचिका में दिए गए कथन साबित करने में अंजना सिंह पूरी तरह विफल रहीं और वह किसी तरह का अनुतोष प्राप्त करने की अधिकारी नहीं हैं। उनकी याचिका सव्यय खारिज की जाती है। जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल अजय कुमार पाठक ने सपना सिंह की तरफ से पैरवी की।