रिपोर्ट: मोहम्मद वसीम
बरेली (Bareilly) में 8 दिन पहले हुए बवाल के बाद सपा (Samajwadi Party) का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने गया, लेकिन उन्हें जाने से रोक दिया गया। इस बीच, आंवला (Aonla) से सांसद नीरज मौर्य (Neeraj Maurya) पुलिस को चकमा देकर सर्किट हाउस (Circuit House) तक पहुंच गए। जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस को मिली, अधिकारी मौके पर पहुंच गए और सांसद को हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना तौकीर रजा (Tauqeer Raza) भाजपा (BJP) के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
दिल्ली से बरेली जाते सांसदों की रोकथाम:
दिल्ली (Delhi) से बरेली जा रहे सांसद हरेंद्र मलिक (Harendra Malik), इकरा हसन (Ikra Hasan) और मोहिबुल्लाह नदवी (Mohibullah Nadvi) को गाजियाबाद (Ghaziabad) बॉर्डर पर रोक दिया गया। तीनों सांसद करीब 40 मिनट तक अड़े रहे, लेकिन अंततः पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इकरा हसन ने कहा कि उत्तर प्रदेश (UP) में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई ‘आई लव महादेव’ (I Love Mahadev) या ‘आई लव श्रीराम’ (I Love Shriram) लिखता है तो किसी को आपत्ति नहीं होती, तो ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammad) में क्या गलत है।
लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष पर हाउस अरेस्ट:
लखनऊ (Lucknow) में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय (Mata Prasad Pandey) को उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट किया गया। वहीं, संभल (Sambhal) सांसद जियाउर्रहमान बर्क (Ziaurrahman Bark) बरेली के लिए निकलने पर इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक (Rajeev Kumar Malik) के सामने खड़े हो गए। काफी देर तक सांसद जाने पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया। बर्क ने सवाल उठाया कि बरेली में जिनको गिरफ्तार किया गया, उनका क्या दोष है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस के पास कोई सबूत है कि किसी ने कानून तोड़ा है, तो उसे मीडिया में पेश क्यों नहीं किया जा रहा।
बरेली में इंटरनेट बंद और बवाल का हाल:
बरेली में फिलहाल इंटरनेट (Internet) बंद है। 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammad) लिखे जाने को लेकर जुमे की नमाज (Jumma Namaz) के बाद बवाल हुआ था। इस मामले में अब तक 81 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। कुल 10 FIR दर्ज की गई हैं और 2,500 उपद्रवियों में से 200 को नामजद किया गया है। पुलिस ने दावा किया था कि बरेली में बवाल की साजिश रची गई थी, जिसका मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा (Tauqeer Raza) है।
सपा सांसदों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई:
सपा सांसदों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सांसदों और पीड़ितों को मिलने से रोकना लोकतंत्र और कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई कानून तोड़ा गया है तो उसका सबूत सामने लाया जाना चाहिए।
बरेली बवाल की पृष्ठभूमि:
बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल की पृष्ठभूमि ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammad) वाले पोस्ट को लेकर थी। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और कई स्थानों पर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़पें हुई। इसके चलते जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई।
बरेली बवाल ने उत्तर प्रदेश (UP) की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसदों और नेताओं की गिरफ्तारी और रोकथाम ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना दिया है।

