गणतंत्र दिवस पर सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति सम्मान और एकता का दिया संदेश

गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने लखनऊ (Lucknow) स्थित मुख्यमंत्री आवास पर तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और इस ऐतिहासिक दिन के महत्व पर अपने विचार साझा किए। तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रप्रेम लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और संविधान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने इस दिन को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को स्मरण करने का अवसर बताया।

नागरिकों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि भारत का संविधान देश की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह दिन उन आदर्शों और मूल्यों को दोहराने का अवसर देता है, जिनके आधार पर देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें।

संविधान के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता:
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने संविधान को पवित्र दस्तावेज बताते हुए कहा कि संविधान का अनादर करना देश के महान सपूतों के बलिदान का अनादर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें और उसके प्रति पूर्ण निष्ठा रखें।

बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (Baba Saheb Bhimrao Ambedkar) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संविधान हमारे लिए पवित्र दस्तावेज है और इसका सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

संविधान के असली संरक्षक नागरिक:
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संविधान के असली संरक्षक भारत के नागरिक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि वह न्याय से ऊपर है, तो वह संविधान की अवमानना कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी समान हैं और कानून से ऊपर कोई नहीं है। संविधान की रक्षा तभी संभव है, जब नागरिक सजग और जागरूक रहें।

नए भारत की दिशा में आगे बढ़ता देश:
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश एक नए भारत का दर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत संविधान और लोकतंत्र की मजबूत नींव पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे संविधान की धाराओं के अनुरूप अपने कर्तव्यों को समझें और सामाजिक एकता को बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ सकता है।

एकता और लोकतंत्र पर जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान केवल अधिकार नहीं देता, बल्कि हमें कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि समाज में एकता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जब नागरिक संविधान के मूल्यों का सम्मान करते हैं, तभी लोकतंत्र सशक्त होता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक आस्थाएं देश को मजबूत बनाने का काम करती हैं।

संविधान और राष्ट्रप्रेम का संदेश:
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान के प्रति आस्था को दोहराया और सभी नागरिकों से इसके मूल्यों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखना चाहिए। संविधान का सम्मान, कानून का पालन और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना ही सच्चा राष्ट्रप्रेम है। उन्होंने यह संदेश दिया कि जब नागरिक संविधान के साथ खड़े होते हैं, तभी देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है।

लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा का आह्वान:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में संविधान के मूल्यों से समझौता न करें। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिया गया उनका यह संदेश देश की लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने वाला रहा।

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