राहुल बोले- विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात:इसमें कोई भी आ सकता है, ज्ञानेश के हटने तक प्रदर्शन होगा, आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएंगे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को कहा कि विपक्ष का ‘सुप्रीम कोर्ट तक मार्च’ शिवजी की बारात की तरह है, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA की ओर से ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी की गई। मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शन के उद्देश्य और सरकार पर लगाए गए आरोपों को सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और रेल तथा बस सेवाओं को रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का दिया संदेश:
राहुल गांधी ने विपक्ष के मार्च को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में शामिल होने के लिए किसी पर रोक नहीं है और कोई भी व्यक्ति इसका हिस्सा बन सकता है। उनके मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य न्याय हासिल करना है और जब तक यह उद्देश्य पूरा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में शिवजी की बारात का उदाहरण देते हुए कहा कि यह ऐसा मार्च है, जिसमें हर कोई शामिल हो सकता है। उन्होंने प्रदर्शन को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित न बताते हुए इसे व्यापक भागीदारी वाला अभियान बताया। विपक्षी दलों की ओर से इस मार्च को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने के प्रयास के रूप में पेश किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग:
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में मार्च को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं और रेलगाड़ियों तथा बसों को रोका जा रहा है। इन आरोपों के बीच विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की।
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी है। हालांकि, याचिका में उठाए जाने वाले सभी मुद्दों और उस पर आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं किया गया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बदली व्यवस्था:
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर जारी एक परिपत्र का भी उल्लेख किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस के परिपत्र में जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए तय स्थानों की सूची से हटा दिया गया है।
बताया गया है कि गृह मंत्रालय की ओर से प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी और द्वारका का नाम सामने आया था। प्रदर्शन स्थलों का निर्धारण करने के लिए गठित समिति के सुझावों के आधार पर जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है।
कांग्रेस ने संगठन स्तर पर की मार्च की तैयारी:
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है। इसी क्रम में कांग्रेस ने मार्च के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां कीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पार्टी ने अपने चारों मुख्यमंत्रियों को दिल्ली बुलाया। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के नेता प्रतिपक्षों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को भी दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया।
पार्टी के कार्यकर्ताओं के भी अलग-अलग राज्यों से दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी गई। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं के ठहरने के लिए बड़ा टेंट लगाया गया। इन तैयारियों को पार्टी की ओर से मार्च में भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के 200 अधिकारियों के संपर्क में होने का दावा:
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें विभिन्न मामलों से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। यह दावा राहुल गांधी की ओर से किया गया है। उपलब्ध जानकारी में इन अधिकारियों की पहचान या उनके संपर्क में होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।
उन्होंने अपने आंदोलन की प्रकृति समझाने के लिए शिव के तांडव का उदाहरण भी दिया। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी बहन उनसे योजना बनाकर काम करने की बात कहती हैं, लेकिन उनके मुताबिक यह ऐसा आंदोलन है, जिसे किसी तय योजना के दायरे में नहीं बांधा जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मार्च लोगों की भागीदारी और लोकतांत्रिक आवाज को सामने लाने का प्रयास है।
शिवजी की बारात से की विपक्षी मार्च की तुलना:
राहुल गांधी ने अपने बयान में शिवजी की बारात और लालकृष्ण आडवाणी की यात्रा का उदाहरण देकर दोनों के स्वरूप में अंतर बताया। उन्होंने कहा कि आडवाणी की यात्रा में रथ था, जिसमें राजा सवार थे और लोग पीछे चल रहे थे। इसके विपरीत, उन्होंने विपक्ष के मार्च को ऐसा आंदोलन बताया, जिसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष की कोशिश अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने और न्याय की मांग को आगे बढ़ाने की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आगे की रणनीति तथा मार्च से जुड़े घटनाक्रम पर सबकी नजर रहेगी।
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