लखनऊ | राहुल गांधी के आरोप और मुक़दमे का नाता नया नहीं है, ऐसे ही एक मामले में राहुल गाँधी की याचिका लखनऊ हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। मामला वीर सावरकर पर बयान देने से जुड़ा हुआ है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय का आरोप है कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था।शिकायतकर्ता ने कहा- यह बयान समाज में वैमनस्य और घृणा फैलाने की मंशा से दिया गया था। इतना ही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से तैयार पर्चे भी पत्रकारों के बीच वितरित किए गए थे।
इस मामले में 12 दिसंबर, 2024 को धारा 153A और 505 IPC के तहत लखनऊ की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था और 3 मार्च को लखनऊ की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने लगातार पेशी से गायब रहने पर राहुल गांधी पर 200 रुपए जुर्माना लगाया था। चेतावनी दी थी कि 14 अप्रैल 2025 को अदालत में हाजिर हों, अगर वे इस तारीख को भी पेश नहीं होते हैं तो कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा सकता है।
इस मामले में राहुल गाँधी की तरफ से लखनऊ की सेशन कोर्ट के समन आदेश और 200 रुपए जुर्माने को लेकर हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को चुनौती दी गयी थी। अब हाईकोर्ट ने उन्हें अल्टरनेट रेमेडी (वैकल्पिक उपाय) अपनाने का सुझाव देते हुए लखनऊ सेशन कोर्ट जाने को कहा है।
राहुल गांधी के वकील प्रांशु अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि 12 दिसंबर, 2024 को धारा 153A और 505 IPC के तहत लखनऊ की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। 3 मार्च को ACJM ने भी 200 रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट गए थे, लेकिन कोर्ट ने हमारी मांग खारिज कर दी। अब हम एक और याचिका दाखिल करेंगे।

यह तस्वीर 20 फरवरी 2024 की है, जब राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए थे।
वहीँ 2018 में कर्नाटक में चुनावी सभा के दौरान अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर सुल्तानपुर के MP/MLA विशेष कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस चल रहा है। पिछले साल फरवरी में राहुल गांधी को कोर्ट से जमानत मिली थी। जुलाई में राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था।