Video:रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद क्यों? संसद में राघव चड्ढा का सवाल

संसद में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने मोबाइल रिचार्ज और टेलीकॉम सेवाओं से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता एक महीने का रिचार्ज कराना भूल जाता है तो टेलीकॉम कंपनियां तुरंत इनकमिंग कॉल और एसएमएस की सुविधा बंद कर देती हैं, जो उपभोक्ताओं के साथ मनमानी जैसा व्यवहार है। सांसद ने इस मुद्दे को देश के करोड़ों मोबाइल उपयोगकर्ताओं से जोड़ते हुए कहा कि यह समस्या खासकर प्रीपेड ग्राहकों के लिए गंभीर बनती जा रही है।

इनकमिंग सेवा बंद करने पर उठाए सवाल:
राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने संसद में कहा कि मोबाइल फोन उपभोक्ता का होता है, सिम कार्ड भी उसी का होता है और मोबाइल नंबर भी उसी के नाम पर होता है। ऐसे में केवल रिचार्ज समाप्त होने के कारण इनकमिंग कॉल बंद कर देना उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना था कि आउटगोइंग कॉल बंद करना समझा जा सकता है, लेकिन इनकमिंग कॉल और एसएमएस की सुविधा पूरी तरह से रोक देना उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ है।

संचार के अधिकार से जोड़ा मुद्दा:
सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने इस विषय को संचार के अधिकार से भी जोड़ा। उनका कहना था कि वर्तमान समय में मोबाइल नंबर केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान बन चुका है। बैंकिंग ओटीपी, यूपीआई भुगतान, ट्रेन टिकट बुकिंग, पैन और आधार प्रमाणीकरण सहित कई जरूरी सेवाएं मोबाइल नंबर पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा अस्पतालों से जुड़ी जानकारी या परिवार के सदस्यों के जरूरी कॉल भी इसी माध्यम से आते हैं। ऐसे में इनकमिंग सुविधा बंद होना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

28 दिन के रिचार्ज सिस्टम पर उठे सवाल:
टेलीकॉम कंपनियों के 28 दिन के रिचार्ज सिस्टम को लेकर भी राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में 12 महीने होते हैं, लेकिन कंपनियां 28 दिन की बिलिंग साइकिल के आधार पर रिचार्ज प्लान देती हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उपभोक्ताओं को साल में 12 बार के बजाय 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। उन्होंने इसे कंपनियों की एक रणनीति बताते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

कैलेंडर मंथ के आधार पर बिलिंग की मांग:
सांसद ने कहा कि बिजली, पानी, गैस और अन्य सेवाओं के बिल 30 या 31 दिन के कैलेंडर महीने के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में मोबाइल सेवाओं की बिलिंग भी उसी आधार पर होनी चाहिए। उनका तर्क था कि इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और संतुलित व्यवस्था मिल सकेगी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा।

सरकार के सामने रखे तीन प्रमुख प्रस्ताव:
राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने मोबाइल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार के सामने तीन प्रमुख प्रस्ताव भी रखे। पहला प्रस्ताव यह था कि किसी भी उपभोक्ता के लिए पिछले रिचार्ज की तारीख से कम से कम एक वर्ष तक इनकमिंग कॉल और एसएमएस की सुविधा चालू रखी जाए। दूसरा प्रस्ताव यह था कि किसी मोबाइल नंबर को बंद करके दूसरे उपभोक्ता को देने से पहले कम से कम तीन वर्ष का समय दिया जाए। तीसरा प्रस्ताव यह था कि टेलीकॉम कंपनियां केवल इनकमिंग कॉल के लिए सस्ते प्लान उपलब्ध कराएं, ताकि सीमित उपयोग करने वाले ग्राहकों को राहत मिल सके।

मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों का मुद्दा:
सांसद ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में मोबाइल उपयोगकर्ता प्रीपेड सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में टेलीकॉम सेवाओं से जुड़े नियमों को उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित बनाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी और मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाएगी।

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