प्रयागराज (Prayagraj) में शुक्रवार शाम प्रतियोगी छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। करीब दो हजार से अधिक छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करीब ढाई घंटे तक चला, जिसमें छात्रों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण युवाओं का परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं से विश्वास कमजोर हो रहा है।
छात्रों का कहना था कि उनका विरोध केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष पूरे परीक्षा और भर्ती तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर विरोध दर्ज कराया और इसे युवाओं के भविष्य की लड़ाई बताया।
परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल:
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने नीट (NEET) पेपर लीक समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली का मुद्दा उठाया। छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों की खबरें सामने आने से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि वर्षों की तैयारी और मेहनत के बाद भी यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष न हो तो युवाओं के भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है।
छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के खिलाफ भी नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए और भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच का ऐलान:
प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच (Sanyukt Pratiyogi Chhatra Hunkar Manch) ने किया। मंच के संयोजक पंकज पांडेय (Pankaj Pandey) ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य युवाओं की आवाज शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग के समर्थन में है।
मंच की ओर से 12 जून को “लखनऊ चलो” आंदोलन का भी ऐलान किया गया। इसके साथ ही यह जानकारी दी गई कि 30 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नाम एक स्मरण पत्र और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।
छात्रों ने रखीं चार प्रमुख मांगें:
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी चार प्रमुख मांगों को सामने रखा। इनमें उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती का स्कोर कार्ड जारी करने, लेखपाल परीक्षा को निरस्त कर पुनः आयोजित करने, भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने तथा पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग शामिल रही।
छात्रों का कहना था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आयोजित की गई होती तो हजारों अभ्यर्थियों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण आगामी भर्तियों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी:
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए चार थानों की पुलिस बल को तैनात किया गया। मौके पर दो एसीपी (ACP), लगभग 200 पुलिसकर्मी और क्विक रिस्पांस टीम (Quick Response Team) भी मौजूद रही। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
भविष्य को लेकर छात्रों की चिंता:
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और बड़ी धनराशि खर्च करते हैं। यदि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं होगी तो ऐसे अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। छात्रों ने कहा कि उन्हें न्याय और निष्पक्ष अवसर चाहिए, ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।
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