प्रयागराज हादसा: जोरदार धमाके से ढही बिल्डिंग, 20 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी

Prayagraj में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी है। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 17 घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हादसे ने पूरे इलाके में दहशत और दुख का माहौल बना दिया है।

कैसे हुआ दर्दनाक हादसा:
फाफामऊ (Phaphamau) क्षेत्र में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज (Adarsh Cold Storage) की इमारत सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक तेज धमाके के बाद ढह गई थी। इस कोल्ड स्टोरेज के मालिक सपा नेता Ansar Ahmad उर्फ पहलवान बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने उनके दो भतीजों सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, फाफामऊ थाने में सपा नेता और उनके बेटे समेत 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 7 नामजद और 5 अज्ञात शामिल हैं।

चश्मदीदों ने सुनाई भयावह कहानी:
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा विस्फोट हुआ हो। कुछ ही पलों में पूरी इमारत धूल के गुबार में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

लंच टाइम बना कई लोगों की जिंदगी का सहारा:
हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में लगभग 110 मजदूर काम कर रहे थे। दो शिफ्ट में लंच होने के कारण कई मजदूर बाहर निकल गए थे। कुछ लोग खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे, जबकि कुछ बाहर चाय या अन्य काम से गए हुए थे। इसी वजह से कई लोगों की जान बच सकी, वरना हताहतों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी।

अमोनिया गैस और धमाके की आशंका:
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि पहले गैस लीक जैसी आवाज आई और फिर अचानक तेज धमाका हुआ। इसके बाद छत और दीवारें भरभराकर गिरने लगीं। कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। जो लोग बाहर थे, वे तुरंत भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए।

मलबे में दबे लोगों की दर्दनाक स्थिति:
मजदूरों के अनुसार, करीब 25 से 30 लोग उस समय आराम कर रहे थे, जो मलबे के नीचे दब गए। कई लोग घायल अवस्था में बाहर निकाले गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। राहत टीम लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रही है।

3 साल का मासूम जिंदगी के लिए जूझ रहा:
हादसे में 3 साल का कार्तिक उर्फ गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज Swaroop Rani Nehru Hospital में चल रहा है। उसकी मां रंजना कोल्ड स्टोरेज में काम करती हैं। घटना के समय बच्चा वहीं खेल रहा था। धमाके के बाद मां ने किसी तरह मलबे से उसे निकालकर बाहर पहुंचाया। परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों में था, क्योंकि बच्चे के पिता का पहले ही निधन हो चुका है।

पुलिस जांच और कार्रवाई जारी:
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


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