सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के बीच चला आ रहा पारिवारिक विवाद अब सुलह के साथ थम गया है। दोनों के रिश्ते में आई तलाक की आशंका फिलहाल खत्म हो गई है और प्रतीक यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अपर्णा यादव को तलाक नहीं देंगे। यह घटनाक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।
प्रतीक यादव ने बुधवार दोपहर सोशल मीडिया के माध्यम से इस सुलह की पुष्टि की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपर्णा यादव के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की और लिखा कि सब कुछ ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर समस्याओं को सुलझा लेते हैं, वही असली विजेता होते हैं। इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने यह संकेत दिया कि उनके और अपर्णा यादव के बीच चल रहा विवाद अब समाप्त हो चुका है।
सोशल मीडिया पोस्ट से बदला माहौल:
प्रतीक यादव की यह पोस्ट इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपर्णा यादव के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणियां की थीं। करीब दस दिन पहले प्रतीक ने सोशल मीडिया पर लगातार दो पोस्ट साझा कर तलाक लेने का ऐलान किया था। उन पोस्टों में उन्होंने अपर्णा यादव पर स्वार्थी होने और पारिवारिक रिश्ते तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, अब प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से तलाक से जुड़ी दोनों पुरानी पोस्ट हटा दी हैं, जिसे सुलह की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अपर्णा यादव की राजनीतिक पहचान:
अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ी हुई हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। वह राजनीति के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय रही हैं। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। प्रतीक की उम्र लगभग 38 वर्ष और अपर्णा की उम्र करीब 36 वर्ष बताई जाती है। दोनों ने करीब 14 साल पहले प्रेम विवाह किया था।
परिवारिक पृष्ठभूमि का असर:
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं। इस नाते वह अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। वहीं अपर्णा यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इस राजनीतिक बदलाव को भी कई लोग दोनों के रिश्तों में आई खटास की एक बड़ी वजह मानते हैं।
अपर्णा यादव का बयान और आरोप:
तलाक की घोषणा के बाद 22 जनवरी को अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनके पारिवारिक रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। अपर्णा यादव ने साफ कहा था कि वह किसी दबाव से डरने वाली नहीं हैं और मानसिक रूप से पूरी तरह मजबूत हैं।
अपर्णा यादव का कहना था कि उनके और उनके पति के बीच सब कुछ ठीक है, लेकिन जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां बनाई जा रही हैं जिससे मानसिक दबाव बढ़े और उन्हें सार्वजनिक जीवन से पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि इस पूरे विवाद के पीछे राजनीतिक और सामाजिक दोनों तरह के कारण हो सकते हैं।
विवाद की शुरुआत कहां से हुई:
यह विवाद 19 जनवरी को सामने आया था, जब प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अचानक अपर्णा यादव से रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया। महज आठ घंटे के भीतर उन्होंने दो अलग-अलग पोस्ट किए, जिनमें अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए गए। इन पोस्टों ने न सिर्फ यादव परिवार को बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी चर्चा में ला दिया।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों में तनाव की शुरुआत वर्ष 2022 से मानी जाती है। उसी साल अपर्णा यादव ने प्रतीक की इच्छा के विपरीत समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इसके बाद से ही दोनों के बीच मतभेद बढ़ते चले गए।
पहले भी सामने आए थे सोशल मीडिया पोस्ट:
यह पहली बार नहीं था जब प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर अपर्णा यादव के खिलाफ नाराजगी जाहिर की हो। 5 फरवरी 2025 को भी उन्होंने अपर्णा के खिलाफ कई पोस्ट किए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया था। उन पोस्टों में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उन पोस्टों को भी डिलीट कर दिया गया, जिससे यह साफ हुआ कि मामला पूरी तरह निजी और संवेदनशील है।
शादी और पारिवारिक जीवन:
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी साल 2001 में शुरू हुई थी। एक बर्थडे पार्टी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। 4 दिसंबर 2011 को दोनों ने विवाह किया। उनकी शादी सैफई (इटावा) में हुई थी, जिसमें राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। शादी समारोह में मुलायम सिंह यादव के साथ-साथ बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे। दंपती की दो बेटियां हैं।
अपर्णा यादव मूल रूप से उत्तराखंड से हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1990 को हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के Loreto Convent से हुई और उन्होंने विदेश में भी पढ़ाई की। उनके पिता पत्रकार रहे और बाद में राज्य सूचना आयुक्त बने, जबकि उनकी मां लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति अधिकारी के पद पर रहीं।
राजनीतिक सफर और मतभेद:
अपर्णा यादव ने 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ से विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2022 में जब सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली। बाद में उन्हें राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया। अपर्णा यादव, यादव परिवार की पहली सदस्य थीं जिन्होंने सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
फिलहाल सुलह, आगे की राह पर नजर:
अब तलाक के ऐलान से लेकर सुलह तक की इस पूरी कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्रतीक यादव की हालिया पोस्ट और पुराने आरोपों को हटाना यह संकेत देता है कि दोनों ने आपसी मतभेद सुलझाने का फैसला किया है। फिलहाल, यादव परिवार में शांति का माहौल लौटता नजर आ रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे यह रिश्ता किस दिशा में बढ़ता है।
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