New Delhi। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार के दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान उनकी मां को अपशब्द कहे गए, जो केवल उनकी मां का ही नहीं बल्कि पूरे देश की माताओं, बहनों और बेटियों का अपमान है। प्रधानमंत्री ने इस घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इस अपमान के लिए कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं को छठ मइया से माफी मांगनी चाहिए।
पीएम मोदी दिल्ली से बिहार की जनता को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। वे बिहार राज्य जीविका निधि शाखा सहकारी संघ लिमिटेड की शुरुआत के कार्यक्रम से जुड़े। लगभग 36 मिनट के संबोधन में उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी के रवैये को “नामदारों की सोच” बताया।
“मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं, फिर भी गालियां दी गईं”
प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “मुझे आज इस बात की पीड़ा है कि मेरी मां, जिन्होंने मुझे देश सेवा के लिए भेजा था, जिन्हें भगवान से भी ऊपर का दर्जा मिला है, उन्हीं का अपमान कांग्रेस और आरजेडी के मंच से हुआ। मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी उन्हें गालियां दी गईं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी मां ने कठिन परिस्थितियों में उनका पालन-पोषण किया। बरसात में घर की मरम्मत से लेकर परिवार का खर्च चलाने तक, उन्होंने हर कठिनाई झेली लेकिन कभी अपनी पीड़ा जाहिर नहीं की।
“नामदार नहीं समझ सकते गरीब मां का दर्द”
पीएम मोदी ने कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए कहा कि “ये शाही खानदानों में पैदा हुए युवराज मां का दर्द नहीं समझ सकते। इन्हें लगता है कि सत्ता इनकी विरासत है। लेकिन आपने एक गरीब मां के बेटे को इस लायक बनाया, यही बात इन्हें पच नहीं रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में उन्हें “गंदी नाली का कीड़ा” और “जहर वाला सांप” कहा गया। अब उनकी दिवंगत मां को निशाना बनाया जा रहा है।
“छठ मइया से माफी मांगें, जहां मिलें विरोध कीजिए”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में मां का स्थान देवी-देवताओं से भी ऊपर माना जाता है। उन्होंने बिहारवासियों से आह्वान किया कि कांग्रेस और आरजेडी नेताओं से हर गली, हर चौक-चौराहे पर जवाब मांगें। “नवरात्र और छठ जैसे पावन पर्व आने वाले हैं। छठ मईया की धरती पर मां का अपमान कभी सहन नहीं किया जाएगा। कांग्रेस और आरजेडी के नेता जहां जाएं, लोगों को आवाज उठानी चाहिए— मां का अपमान नहीं सहेंगे।”
कार्यक्रम में 105 करोड़ की राशि ट्रांसफर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कार्यक्रम से जुड़े कामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बिहार की महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए 105 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और महिलाओं के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वर्चुअली हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जीविका निधि का शुभारंभ बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है। “हमारी सरकार बनने के बाद से महिलाओं के लिए कई काम किए गए। पुलिस में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया गया। अब जीविका निधि से उन्हें वित्तीय मदद सीधे उनके खातों में मिलेगी।”
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए 1000 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 105 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान न केवल राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि इसमें भावनात्मक अपील भी साफ झलक रही है। उन्होंने मां के सम्मान को देश की संस्कृति और आस्था से जोड़ा और कांग्रेस-आरजेडी पर इसे ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। बिहार में छठ जैसे लोकपर्व की पृष्ठभूमि में दिया गया यह संदेश निश्चित ही राजनीतिक माहौल को और गर्माएगा।
