प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं से अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से ग्लासगो खेलों के अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। प्रधानमंत्री और खिलाड़ियों के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें खिलाड़ियों के संघर्ष, सफलता और भविष्य की उम्मीदों से जुड़े भावुक पल सामने आए।
मीराबाई चानू ने सुनाई चार साल के संघर्ष की कहानी:
भारोत्तोलक साईखोम मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu) ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में अपने चार साल के कठिन सफर का अनुभव साझा किया। पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मीराबाई की आंखों में पोडियम पर खड़े होने के दौरान आंसू आ गए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके भावुक होने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे उनके हर आंसू की बूंद से सोने का पदक टपक रहा हो। मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने का दर्द उनके मन में था। इसके बाद चोटों और पारिवारिक परेशानियों के बीच चार साल का सफर उनके लिए काफी मुश्किल रहा।
उन्होंने बताया कि जब राष्ट्रमंडल खेलों में वह पोडियम पर खड़ी हुईं और तिरंगे को ऊपर उठते हुए तथा राष्ट्रगान को बजते हुए देखा तो वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बताया, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा करार दिया।
एक परिवार से तीन पदकों की उम्मीद:
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने पैरा एथलीट शर्मिला धनकर (Sharmila Dhankar) से उनकी बेटियों को लेकर किए गए पुराने वादे का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली बार उनसे वादा किया गया था कि उनकी दोनों बेटियां एथलीट बनेंगी।
शर्मिला ने बताया कि उनकी दोनों बेटियां अभी छोटी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले राष्ट्रमंडल खेलों तक एक ही परिवार में तीन पदक देखने को मिल सकते हैं।
मोदी बोले- खिलाड़ियों के पदक युवाओं को करते हैं प्रेरित:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह पिछले करीब 12-13 वर्षों से इसी आवास में हैं और इस दौरान खिलाड़ियों का लगातार स्वागत करने तथा उनसे मिलने का अवसर उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों की पिछले एक दशक की मेहनत और भारत के लिए लगातार जीत हासिल करने का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूलों में जाकर खेल और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर भाषण दिए जा सकते हैं, लेकिन खिलाड़ियों के पदक बच्चों को इससे कहीं ज्यादा प्रेरित करते हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियां केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता नहीं हैं, बल्कि वे देश के युवाओं को खेलों से जुड़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती हैं।
लवलीना ने ग्लासगो में भारत के नक्शे पर जताई आपत्ति:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) से ग्लासगो के एक रेस्तरां में भारत के नक्शे को लेकर हुई घटना के बारे में भी पूछा। लवलीना ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद भारत के नक्शे को देखा और उन्हें कुछ बुरा लगा।
लवलीना के मुताबिक, उन्होंने वहां मौजूद लोगों से विनम्रता से बात की और नक्शे को बदलने का अनुरोध किया। उनकी बात मान ली गई और नक्शे को बदल दिया गया।
प्रधानमंत्री ने इस घटना को खिलाड़ियों के भीतर मौजूद देशभक्ति की भावना से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जीत और जश्न के बीच उस नक्शे पर ध्यान जाना और उसके प्रति भावना महसूस करना गहरे आंतरिक देशप्रेम को दर्शाता है।
भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की प्रधानमंत्री ने की तारीफ:
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मुक्केबाज अब भारतीय मुक्केबाजों से डरने लगे हैं। इस पर मुक्केबाज साक्षी (Sakshi) ने बताया कि विरोधी टीमें भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर चिंतित थीं।
साक्षी के मुताबिक, विरोधी टीमों को लगता था कि वे भारत के खिलाफ अपना पहला मुकाबला ही हार जाएंगी और पदक जीतने का मौका उनके हाथ से निकल जाएगा।
खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा मजबूत करने का संदेश:
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से ‘खेलो इंडिया’ की प्रतिष्ठा को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी योजना की प्रतिष्ठा सिर्फ रिबन काटने से नहीं बढ़ती, बल्कि तब बढ़ती है जब युवा छात्र या खेल में करियर बनाने की कोशिश कर रहा खिलाड़ी पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ मैदान पर उतरता है।
मोदी ने कहा कि देश को अभी लंबा सफर तय करना है और कई पदक जीतने बाकी हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
जादूमणि सिंह ने कारगिल नायकों को समर्पित किया पदक:
राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले मुक्केबाज जादूमणि सिंह (Jadumani Singh) ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान अपने मुकाबले और कारगिल दिवस से जुड़ी याद साझा की। उन्होंने बताया कि जिस दिन उनका पाकिस्तान के मुक्केबाज से मुकाबला था, उसी दिन कारगिल दिवस भी था।
भारतीय सेना के सदस्य जादूमणि ने बताया कि वह मुकाबला जीतने के लिए दृढ़ संकल्पित थे और उन्होंने इसे 5-0 से जीता। उन्होंने अपना पदक भारतीय सेना के कारगिल नायकों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने उनके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक होने के नाते उन्होंने जिस भावना के साथ पदक कारगिल के नायकों को समर्पित किया, उससे उनकी जीत की गरिमा और बढ़ गई।
नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तानी मुक्केबाज का किस्सा:
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के रजत पदक विजेता हैवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल (Narendra Berwal) ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में 2015 विश्व सैन्य खेलों का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी मुक्केबाज को हराने के बाद उसने उनसे कहा था कि उनका नाम नरेंद्र है, उनके कोच का नाम नरेंद्र है और प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है।
नरेंद्र बेरवाल ने प्रधानमंत्री को यह किस्सा सुनाते हुए उस मुकाबले की याद साझा की, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी मुक्केबाज को शिकस्त दी थी।
मोदी बोले- खिलाड़ियों ने पूरी पीढ़ी तैयार की:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धि केवल पदकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने एक पूरी पीढ़ी तैयार की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता युवाओं को खेलों की ओर बढ़ने और बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित कर रही है।
सीमा कालीरामना ने साझा किया मजेदार किस्सा:
डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा कालीरामना (Seema Kaliramana) ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान अपने दोस्तों से जुड़ा एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब भी वह दोस्तों को उनके भले के लिए कुछ करने की सलाह देती थीं तो दोस्त उनसे पूछते थे कि क्या वह मोदी से मिली हैं।
सीमा ने कहा कि अब वह अपने दोस्तों से गर्व के साथ कह सकती हैं कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुकी हैं।
मोदी बोले- पदकों के लिए खेल संस्कृति जरूरी:
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना जरूरी है, लेकिन किसी देश को पदक तभी मिलते हैं जब वहां खेल संस्कृति विकसित होती है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की और देश का गौरव बढ़ाया।
मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी लगातार जीत हासिल करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि खिलाड़ी आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करें और भविष्य में फिर इसी जगह मुलाकात हो।
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