कुवैत से 45 भारतीयों के शव लेकर कोच्चि पहुंचा विमान, हर आंख हो गई नम

कुवैत में एक छह मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 48 लोग मारे गए. दूतावास ने कहा कि इमारत में 176 भारतीय श्रमिकों में से 45 की मौत हो गई और 33 अस्पताल में भर्ती हैं. 

कोच्चि एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह मौत सा सन्नाटा पसरा रहा. कुवैत से जैसे ही 45 भारतीयों के शव लेकर वायुसेना का विशेष विमान लैंड हुआ, हर आंख नम हो गई. मरने वालों के परिजन सुबह से ही एयपोर्ट पर मौजूद थे. केरल सरकार के मंत्री, आला अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल भी एयरपोर्ट पर मौजूद था. भारतीय वायुसेना के सी-130 जे परिवहन विमान से 31 भारतीयों के पार्थिव शरीर को कोच्चि में उतारा गया. यहां से शवों को उनके गृह नगर के लिए रवाना कर दिया गया. आग की घटना में मारे गए मारे गए 31 मृतकों में से केरल के 23, तमिलनाडु के 7 और कर्नाटक का एक व्यक्ति शामिल है। इस घटना में मारे गए उत्तर भारत के कामगारों के शवों को लेकर विमान शाम तक दिल्ली पहुंचेगा.  

इससे पहले गुरुवार देर रात प्लेन शवों को लेकर रवाना हुआ था. कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने बताया, “कुवैत में आग की घटना में 45 भारतीय पीड़ितों के पार्थिव शरीर को लेकर एक विशेष भारतीय वायुसेना का विमान कोच्चि के लिए रवाना हुआ. राज्य मंत्री @KVSinghMPGonda, जिन्होंने कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय करके शीघ्र वापसी सुनिश्चित की, वो भी इसी विमान में सवार हैं.” सामने आए विजुअल्स में दिखाया गया कि कोचीन हवाई अड्डे पर एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर हैं, जहां विमान उतरेगा.

किस किस राज्य के हैं मारे गए कामगार

बुधवार को मंगाफ शहर में एक छह मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 48 लोग मारे गए थे. 176 भारतीय श्रमिकों में से 45 की मौत हुई थी और 33 अस्पताल में भर्ती हैं. मृतकों में केरल के 23, तमिलनाडु के सात, उत्तर प्रदेश के तीन, ओडिशा के दो और बिहार, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड और हरियाणा के एक-एक व्यक्ति शामिल है. कीर्ति सिंह वर्धन गुरुवार को कुवैत पहुंचे थे. उन्होंने उन पांच अस्पतालों का भी दौरा कि,या जहां घायल भारतीय श्रमिकों का इलाज किया जा रहा था.

डीएनए जांच से शवों की पहचान

दूतावास ने अस्पताल अधिकारियों के हवाले से कहा कि उनके स्वास्थ्य के आधार पर उन्हें छुट्टी दी जाएगी. बीते दिन ही विदेश राज्य मंत्री ने कल कहा कि भीषण आग में शव इतनी बुरी तरह जल गए कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी और पीड़ितों की पहचान की पुष्टि करने के लिए उनका डीएनए परीक्षण किया गया था. 

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading