समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान पर लगातार क़ानूनी कार्रवाई जारी है इस बिच यूपी सरकार ने आजम खां के जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई जमीन को वापस लेने का फैसला किया है। इसी जमीन पर आजम खां का रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) गर्ल्स विंग और सपा कार्यालय बना है। सरकार के जमीन वापस लेने के फैसले के बाद अब आरपीएस में पढ़ने वाली छात्राओं के भविष्य को लेकर असमंजस बना है। इससे छात्राओं के अभिभावक परेशान हैँ।
खबरों के अनुसार छात्राओं के अभिभावकों ने कहा कि सरकार छात्राओं के भविष्य का ध्यान रखकर ही कार्रवाई करे। यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को सपा नेता आजम खां के जौहर ट्रस्ट को दी गई जमीन को लीज की शर्तों के उल्लंघन के बाद वापस लेने का फैसला किया है। इस जमीन को जौहर यूनिवर्सिटी के इस्तेमाल के लिए दिया गया था, लेकिन इस पर रामपुर पब्लिक स्कूल और सपा कार्यालय का संचालन किया जाने लगा।

बताया जा रहा कि यह जमीन शिक्षा विभाग की है। इसको सपा शासन ने तीस साल की लीज पर दिया था। जौहर ट्रस्ट की ओर से जहां जौहर यूनिवर्सिटी संचालित हो रही है। वहीं दूसरी ओर इस ट्रस्ट की ओर से बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्कूल भी संचालित किए गए थे। रामपुर पब्लिक स्कूल की तीन शाखाओं को अलग-अलग संचालित किया गया था।
वहीँ यतीमखाना बस्ती में भी स्कूल भवन का निर्माण कराया गया था, लेकिन इस स्कूल के भवन का निर्माण विवादों में घिर गया था। सरकार बदलने के बाद यतीमखाना में बने स्कूल के निर्माणाधीन भवन पर ब्रेक लगा। इसके बाद पान दरीबा स्थित मदरसा आलिया (राजकीय ओरियंटल काॅलेज) के भवन पर संकट के बादल मंडराए। यहां पान दरीबा के स्कूल को खाली कराया गया। इसको लेकर काफी बवाल हुआ।
बताया जा रहा है कि इसके बाद मार्च 2023 में जौहर शोध संस्थान के भवन की लीज को समाप्त कर यहां चल रहे भवन को भी वापस ले लिया गया। अब रामपुर पब्लिक स्कूल गर्ल्स विंग की करीब 2000 छात्राओं के भविष्य पर संकट के बादल आ गए हैं। इस स्कूल में नर्सरी से इंटरमीडिएट तक की छात्राएं पढ़ती हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि स्कूल खाली कराए जाने पर छात्राओं का क्या होगा। बुधवार को छात्राओं को स्कूल लेने पहुंचे तमाम अभिभावक इससे चिंतित दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के भविष्य को लेकर चिंता है। इस समय आधा साल बीत चुका है। अब कहीं और एडमिशन कराना भी संभव नहीं है। ऐसे में सरकार ऐसा फैसला करे जिससे छात्राओं भविष्य न खराब हो।