उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजीपुर (Ghazipur) जनपद में पहली बार ऐसा देखने को मिला, जब विपक्षी दल के एक बड़े नेता ने सरकार की किसी योजना की खुलकर प्रशंसा की। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के जमानिया (Zamania) विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने मुख्यमंत्री अलंकार योजना की तारीफ करते हुए कहा कि यह योजना शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के भवनों के जीर्णोद्धार के लिए शुरू की गई इस योजना की जितनी सराहना की जाए, वह कम है।
गाजीपुर के दिलदारनगर (Dildarnagar) स्थित एसकेबीएम इंटर कॉलेज (SKBM Inter College) में मुख्यमंत्री अलंकार योजना के तहत भवनों के जीर्णोद्धार के लिए करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसी के तहत आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह और गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
विद्यालयों के विकास को बताया जरूरी:
कार्यक्रम में बातचीत के दौरान ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई अलंकार योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने कई विद्यालयों के विकास के लिए अपनी विधायक निधि से आर्थिक सहयोग दिया था। उनका कहना था कि विद्यालयों का मजबूत होना समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई विद्यालयों के भवन काफी पुराने हो चुके हैं, जिनका समय-समय पर जीर्णोद्धार होना आवश्यक है। ऐसे में मुख्यमंत्री अलंकार योजना विद्यालयों की स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।
शिक्षा संस्थानों को समाज की नींव बताया:
ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थान ही वह स्थान हैं, जहां से देश और समाज को दिशा देने वाले लोग निकलते हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू, गांधी, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे महान व्यक्तित्व भी शिक्षा संस्थानों से ही आगे बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि समाज निर्माण में विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भवनों का बेहतर होना भी जरूरी है, क्योंकि अच्छी सुविधाएं छात्रों के विकास में मदद करती हैं। उनका मानना है कि पुराने विद्यालयों के जीर्णोद्धार से विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा और शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा।
पुराने विद्यालयों के संरक्षण पर दिया जोर:
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश और देश में कई ऐसे विद्यालय हैं, जिनकी इमारतें 50 से 100 साल पुरानी हैं। बावजूद इसके, लंबे समय तक उनके रखरखाव और मरम्मत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अब इस दिशा में काम होना सकारात्मक संकेत है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की ऐतिहासिक विरासत, समाज और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा काम होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें और जिससे देश का नाम आगे बढ़े।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज:
एक विपक्षी नेता द्वारा सरकार की योजना की खुलकर प्रशंसा किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बयान की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर भी मुख्यमंत्री अलंकार योजना और विद्यालयों के विकास को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी
