अमेठी: तिलोई में शिक्षक नरेंद्र बहादुर सिंह की पुण्यतिथि पर पौधरोपण, योगदान को किया याद
अमेठी के तिलोई विकास क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय भेलाई कला में स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह की 38वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व और शिक्षक जीवन को याद करते हुए उन्हें आदर्श एवं कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक बताया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। उनके पुत्र धीरेन्द्र प्रताप सिंह, जो कंपोजिट विद्यालय भेलाई कला में प्रधानाध्यापक के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष हैं, ने अपने शिक्षक साथियों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समय की पाबंदी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए थे पहचान:
तिलोई कस्बे के प्राथमिक विद्यालय तिलोई (प्रथम) में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत रहे स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह (Narendra Bahadur Singh) अपनी कर्तव्यनिष्ठा और समयबद्धता के लिए जाने जाते थे। बताया गया कि वह आजीवन पैदल चलकर नियत समय पर विद्यालय पहुंचते थे। उनकी नियमितता ऐसी थी कि लोग उनके विद्यालय आने-जाने के समय से अपनी घड़ियां मिलाया करते थे।
शिक्षक के रूप में उन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ नन्हें बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना जीवन समर्पित किया। उनके कार्य और अनुशासन को आज भी उनके साथ जुड़े शिक्षक और क्षेत्र के लोग याद करते हैं।
विद्यालय परिसर में लगाया नीम का पेड़ आज भी मौजूद:
स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह (Narendra Bahadur Singh) की स्मृतियां प्राथमिक विद्यालय तिलोई (प्रथम) से भी जुड़ी हुई हैं। विद्यालय प्रांगण में 2 अक्टूबर 1977 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उनके द्वारा नीम का पौधा लगाया गया था। यह नीम का पेड़ आज भी विद्यालय परिसर में मौजूद है और उनकी स्मृतियों को संजोए हुए है।
इसी पेड़ की छांव में उनके पुत्र धीरेन्द्र प्रताप सिंह (Dhirendra Pratap Singh), प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय भेलाई कला, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष, अपने शिक्षक साथियों के साथ बैठकर शिक्षा के उन्नयन को लेकर चर्चा-परिचर्चा करते हैं। इस तरह पेड़ उनके शिक्षक जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण की याद को आज भी जीवंत किए हुए है।
38वीं पुण्यतिथि पर हुआ वृक्षारोपण:
स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह (Narendra Bahadur Singh) का 23 सितंबर 1989 को लीवर कैंसर के कारण निधन हो गया था। उनकी 38वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कंपोजिट विद्यालय भेलाई कला, तिलोई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उनके जीवन, शिक्षक के रूप में योगदान और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया।
पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
परिवार भी उनकी स्मृति में कर रहा वृक्षारोपण:
स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह की बहू रन्जू सिंह नरेंद्र सिंह जनसेवा समिति की अध्यक्ष हैं। बताया गया कि वह अपने ससुर की स्मृति में विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर छह-छह पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कर रही हैं। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण को स्वच्छ और शुद्ध रखने का प्रयास किया जा रहा है।
इस कार्य को शिक्षक समुदाय और क्षेत्र के लोगों की ओर से सराहा जा रहा है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे शिक्षकों के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके कर्तव्य, ईमानदारी तथा शिक्षा के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने किया स्मरण:
पुण्यतिथि कार्यक्रम में स्वामी आशीष शुक्ला महाराज, शशि कुमारी सिंह, प्राची श्रीवास्तव, सरिता सिंह, पल्लवी श्रीवास्तव, सुचित्रा सती, सुनीता आंगनबाड़ी कार्यकत्री और प्रभावती अनुचर उपस्थित रहीं। सभी ने स्वर्गीय नरेंद्र बहादुर सिंह की स्मृतियों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और पर्यावरण दोनों से जुड़े उनके योगदान को स्मरण किया गया। उनके द्वारा लगाए गए नीम के पेड़ से जुड़ी स्मृति और परिवार की ओर से किए जा रहे वृक्षारोपण को भी उनके जीवन से जुड़ी प्रेरणादायी पहल के रूप में बताया गया।
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रिपोर्टर: वीरेंद्र सिंह