गाजीपुर में 100 साल पुरानी श्रावणी काली पूजा संपन्न, आस्था में जुटे ग्रामीण
गाजीपुर सदर ब्लॉक के मोहनपुरवा ग्राम में वर्षों से चली आ रही श्रावणी काली पूजा इस वर्ष भी पूरे विधि-विधान और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। पूजा के अवसर पर मां काली की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सामूहिक प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिसमें गांव के बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने मां काली की आराधना कर सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की कामना की।
100 साल से अधिक पुरानी है पूजा की परंपरा:
गांववासियों के अनुसार, मोहनपुरवा में श्रावणी काली पूजा की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह धार्मिक आयोजन पिछले 100 वर्षों से भी अधिक समय से प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में आयोजित किया जाता रहा है। समय के साथ आयोजन की परंपरा आगे बढ़ती रही और ग्रामीण इसमें श्रद्धा के साथ शामिल होते रहे हैं।
इस वर्ष भी परंपरा के अनुरूप पूजा का आयोजन पूरे विधि-विधान से किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान ग्रामीणों ने मां काली के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
सामूहिक प्रसाद वितरण में जुटे ग्रामीण:
पूजा संपन्न होने के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता की।
आयोजन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम गांव के लोगों को एक साथ जोड़ने का काम करते हैं। ऐसे आयोजनों से आपसी सद्भाव और धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है। श्रावणी काली पूजा के दौरान ग्रामीणों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा।
पूजा में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल:
मोहनपुरवा में आयोजित श्रावणी काली पूजा में गांव के कई प्रमुख ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पूजा-अर्चना में सहभागिता की और मां काली का आशीर्वाद लिया। आयोजन के दौरान ग्रामीणों की मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह बना रहा।
पूजा में रामविलास पाल (Ramvilas Pal), हिमांशु यादव (Himanshu Yadav), बबलू जायसवाल (Bablu Jaiswal), सुनील कश्यप (Sunil Kashyap), संजीव कुमार (Sanjeev Kumar), मनोज गौड (Manoj Gaud), हेमा यादव (Hema Yadav), नंदलाल (Nandlal), मुकेश गौड (Mukesh Gaud), राजीव वर्मा (Rajiv Verma) और कृष्ण मुरारी (Krishna Murari) सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
परंपरा और आस्था का बना संगम:
श्रावण मास में आयोजित होने वाली इस पूजा को ग्रामीण लंबे समय से धार्मिक परंपरा के रूप में निभाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी मां काली की पूजा-अर्चना और सामूहिक प्रसाद वितरण के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता का परिचय दिया।
गांववासियों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा के साथ जारी है। धार्मिक आयोजन में ग्रामीणों की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामूहिक स्वरूप दिया और गांव में आपसी सद्भाव का वातावरण बना रहा।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Ghazipur #Mohanpurwa #KaliPuja #Shravan #ReligiousEvent