20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले Modi Cabinet (मोदी कैबिनेट) में बड़े फेरबदल की तैयारियां लगभग पूरी होने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, संसद सत्र शुरू होने से पहले कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की घोषणा हो सकती है। इस संभावित बदलाव में कई वरिष्ठ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दो प्रमुख आधार पर हो सकता है बदलाव:
सूत्रों के अनुसार, इस बार कैबिनेट में बदलाव दो प्रमुख आधारों पर किए जाने की तैयारी है। पहला, मंत्रिमंडल को पहले की तुलना में अधिक युवा स्वरूप देना। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की औसत आयु लगभग BJP (भारतीय जनता पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की आयु के आसपास रखने की योजना है। इसके तहत 65 वर्ष से अधिक आयु वाले कई नेताओं की जगह नए चेहरों को अवसर मिल सकता है, हालांकि कुछ अपवाद भी हो सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले दो फेरबदल में जिन चेहरों में बदलाव नहीं हुआ था, इस बार उनमें परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
दूसरा आधार उन नेताओं को प्रतिनिधित्व देना बताया जा रहा है, जो अन्य राजनीतिक दलों से अलग होकर BJP (भारतीय जनता पार्टी) या NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के साथ आए हैं। सूत्रों का दावा है कि Punjab (पंजाब) से AAP (आम आदमी पार्टी) छोड़कर आए राज्यसभा सांसदों के अलावा Shiv Sena (Uddhav Group) (शिवसेना-उद्धव गुट) और Trinamool Congress (तृणमूल कांग्रेस) से जुड़े कुछ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
इन मंत्रियों को लेकर चर्चा तेज:
सूत्रों के मुताबिक, Nirmala Sitharaman (निर्मला सीतारमण), Hardeep Singh Puri (हरदीप सिंह पुरी), Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) और Harsh Malhotra (हर्ष मल्होत्रा) के नाम संभावित फेरबदल की चर्चाओं में शामिल हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि Hardeep Singh Puri (हरदीप सिंह पुरी) के मंत्रिमंडल से बाहर होने की संभावना उनकी आयु और नए चेहरों को अवसर देने की रणनीति से जुड़ी मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दिए जाने पर चर्चा नहीं हुई है।
वित्त मंत्रालय में भी बदलाव की अटकलें:
सूत्रों के अनुसार, Nirmala Sitharaman (निर्मला सीतारमण) को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा है कि उन्हें दक्षिण भारत में संगठनात्मक भूमिका सौंपी जा सकती है। वहीं, वित्त मंत्रालय के लिए Shaktikanta Das (शक्तिकांत दास) और Piyush Goyal (पीयूष गोयल) के नाम भी संभावित विकल्पों के रूप में सामने आ रहे हैं। हालांकि इन नामों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या संकेत?:
Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) को लेकर भी अटकलें जारी हैं। सूत्रों का कहना है कि NEET (नीट) परीक्षा विवाद के बाद उनके मंत्रालय में बदलाव की चर्चा जरूर है, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि यदि Odisha (ओडिशा) में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो उन्हें वहां नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। फिलहाल यह केवल राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा है।
दोहरी जिम्मेदारी वाले नेताओं पर भी नजर:
सूत्रों के अनुसार, Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) और Harsh Malhotra (हर्ष मल्होत्रा) दोहरी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। पार्टी की एक पद की नीति को देखते हुए उनके मंत्री पद में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) संगठन में अपनी भूमिका जारी रख सकते हैं, जबकि Harsh Malhotra (हर्ष मल्होत्रा) को Delhi (दिल्ली) में संगठन और सरकार से जुड़े कार्यों में अधिक जिम्मेदारी दी जा सकती है।
फिलहाल इन सभी संभावित बदलावों को लेकर सरकार या BJP (भारतीय जनता पार्टी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम निर्णय और फेरबदल की तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
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