लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय दलित किशोरी को चार युवकों ने अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद जब आरोपी पीड़िता को दूसरी जगह ले जा रहे थे, तो किशोरी ने साहस दिखाते हुए बाइक का हैंडल खींच दिया। इससे बाइक गिर गई और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने बाद में पूछताछ के आधार पर एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। यह घटना न केवल क्षेत्र को दहला गई है बल्कि महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
सुनसान रास्ते से अगवा कर जंगल ले गए
पीड़िता गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे अपने पुराने घर से नए घर लौट रही थी। रास्ते में दो युवकों ने उसे दबोच लिया और मुंह दबाकर जबरन बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद वे उसे सुनसान जंगल की तरफ ले गए। वहां पहले से मौजूद उनके दो साथियों को बुलाया गया और चारों ने बारी-बारी से किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर पिटाई और हत्या की कोशिश
वारदात के दौरान किशोरी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की। यहां तक कि गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। घटना के बाद आरोपी उसे दूसरी जगह ले जाने की योजना बना रहे थे ताकि मामला दबाया जा सके।
किशोरी की हिम्मत से बची जान
जब आरोपी बाइक से गांव के पास पहुंचे तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाई। उसने अचानक बाइक का हैंडल पकड़कर जोर से खींचा, जिससे बाइक असंतुलित होकर गिर गई। इसके बाद किशोरी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी चीखें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एक आरोपी को पकड़ लिया। किशोरी ने वहां मौजूद लोगों को आपबीती सुनाई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को थाने ले गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी का नाम बताया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की पहचान शिवा सिंह और राज के रूप में हुई है। हालांकि किशोरी दो अन्य आरोपियों को पहचान नहीं पाई है और वे अभी फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
परिवार ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप
पीड़िता के परिजनों ने बीकेटी थाने में लिखित शिकायत दी। उनका आरोप है कि पुलिस शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी और कार्रवाई करने में टालमटोल कर रही थी। इसी बीच “लाखन आर्मी” के प्रमुख सूरज पासी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को उजागर किया और लखनऊ पुलिस, यूपी पुलिस व डीजीपी को टैग किया।
सोशल मीडिया से हरकत में आई पुलिस
सूरज पासी के पोस्ट को वुमन एंड चाइल्ड सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन 1090 ने रीपोस्ट किया और लखनऊ पुलिस को टैग किया। इसके बाद पुलिस ने जवाब देते हुए बताया कि मामला संज्ञान में है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सूरज पासी ने एसीपी बीकेटी अमोल मुरकुट को भी जानकारी दी। हालांकि थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने को लेकर नाराजगी जताई।
महिला सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस ने शुरुआत में तत्परता दिखाई होती, तो सभी आरोपी उसी रात गिरफ्तार हो जाते। वहीं, किशोरी का साहस इस घटना में सबसे बड़ी सीख है। उसकी हिम्मत ने न केवल उसकी जान बचाई बल्कि दरिंदों के खिलाफ मामला उजागर किया।
पुलिस का बयान
लखनऊ पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।

