सपा के पोस्टर वार के बीच मायावती ने लॉन्च किया नया चेहरा?

यूपी में मायावती के जन्मदिन पर एक खास चेहरा नजर आया। वह कोई और नहीं, बल्कि उनके दूसरे भतीजे इशांत थे। मायावती आगे-आगे और दोनों भतीजे आकाश आनंद और इशांत पीछे-पीछे बसपा ऑफिस पहुंचे। जब तक मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तब तक दोनों भतीजे कुर्सी के बगल में खड़े रहे। इशांत आकाश के छोटे भाई हैं। माना जा रहा है कि मायावती जल्द ही इशांत को भी राजनीति में लॉन्च कर सकती हैं। जन्मदिन पर मायावती ने संघर्षमय जीवन और बसपा मूवमेंट का सफरनामा’ भाग-20 के हिंदी और अंग्रेजी एडिशन को लॉन्च किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

मायावती ने राहुल-प्रियंका पर तंज कसा। कहा- भाई-बहन नीले कपड़े पहनकर नौटंकी कर रहे हैं। इंडी गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है। सत्ता में आना जरूरी है। दलित एकजुट नहीं हुए तो जिंदगी गुलाम बनकर रह जाएगी।

इधर (बसपा) प्रमुख मायावती के 69वें जन्मदिन के दिन लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यालय के बाहर लगाए गए एक पोस्टर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस होर्डिंग को दलित नेता और “सामाजिक न्याय खटीक यात्रा” के प्रभारी प्रदीप सोनकर ने लगवाया है।पोस्टर में भगवान हनुमान की तस्वीर लगाई गई है, जिसमें वह अपने कंधे पर गदा लिए हुए नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, “हम दलितों के साथ हनुमान जी।” यह संदेश न केवल बसपा के दलित समर्थन पर सवाल उठाता है। इस पोस्टर के पीछे के संदेश पर बात करते हुए प्रदीप सोनकर ने कहा- यह पोस्टर दलित समुदाय की आवाज को मजबूत करने और सपा के साथ खड़े रहने का प्रतीक है। भगवान हनुमान दलितों के प्रतीक हैं, जो अन्याय और शोषण के खिलाफ खड़े होते हैं।”

सपा कार्यालय के ठीक बाहर लगाए गए इस पोस्टर को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। मायावती के जन्मदिन के अवसर पर इस प्रकार का पोस्टर लगाना यह दर्शाता है कि दलित समुदाय के नेता अपनी उपस्थिति और समर्थन का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।

इधर मायावती ने भी सपा और भाजपा को घेर लिया। उन्होंने कहा कि आज मैं अपना 69वां जन्मदिन मिशन के रूप में मना रही हूं। मैं एक बार फिर आगाह करना चाहती हूं कि बसपा के दलित वोट को तोड़ने के लिए कांग्रेस, बीजेपी और सपा जैसी जातिवादी पार्टियां सभी हथकंडे अपना रही हैं। बाबा साहब और उनके आरक्षण की शक्ति बसपा के माध्यम से ही सशक्त हो सकती है।

By Abhinendra

Journalist

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