गाज़ीपुर: सबका समावेश, सबकी भागीदारी’ कार्यक्रम में गूंजे महिला सशक्तिकरण के स्वर

धरम्मरपुर/करंडा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समावेश फाउंडेशन द्वारा पंचायत भवन धरम्मरपुर में आयोजित “सबका समावेश, सबकी भागीदारी” कार्यक्रम ने महिलाओं के अधिकार, जागरूकता और सामाजिक समानता पर एक मजबूत संदेश दिया। आसपास के गांवों से आई महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और समाज में व्याप्त समस्याओं को सामने रखा।

A large gathering of women in colorful attire seated under a tent, attending a community event with a banner promoting awareness and empowerment.

कार्यक्रम का उद्देश्य और प्रबंधक का संदेश:
समावेश फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक मोहम्मद हस्सान ने कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की सोच है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और अवसरों से वंचित रहने के कारणों पर प्रकाश डाला और कहा कि जागरूकता और सामाजिक रूढ़ियों के बदलाव से ही महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है।

विकासखंड अधिकारी का दृष्टिकोण:
करंडा विकासखंड अधिकारी सुविदेता सिंह ने महिला सशक्तिकरण को समाज के समग्र विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को बराबरी का अधिकार और अवसर नहीं मिलेगा, तब तक विकास अधूरा है। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्र निर्णय लेने में महिलाओं के अधिकारों पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई और परिवार, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास की आवश्यकता बताई।

सरकारी योजनाओं और सुरक्षा तंत्र की जानकारी:
सुविदेता सिंह ने सरकार की महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए अपील की कि पात्र महिलाएं इन योजनाओं से वंचित न रहें। उन्होंने महिला हेल्प डेस्क और सुरक्षा तंत्रों का भी उल्लेख किया और कहा कि महिलाओं को किसी भी अन्याय, हिंसा या भेदभाव के खिलाफ डर के बिना अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

खुली चर्चा और समाज में बदलाव:
कार्यक्रम में कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें परिवार के भीतर शिक्षा, रोजगार और जीवन के स्वतंत्र निर्णयों में बाधाओं की चर्चा हुई। वक्ताओं ने लैंगिक भेदभाव, घरेलू हिंसा, शिक्षा में असमानता और आर्थिक निर्भरता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल अवसर देने से नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सोच में बदलाव से संभव है।

समावेश फाउंडेशन का योगदान:
समावेश फाउंडेशन का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम ने यह उदाहरण पेश किया कि जब महिलाएं एक मंच पर अपने विचार व्यक्त करती हैं, तो बदलाव की शुरुआत होती है। इस अवसर पर पूर्व प्रधान एवं शिक्षक राजिंद्र मास्टर, पूर्व प्रधान इंदा देवी, पूर्व सैनिक भीम यादव, सचिव अविनाश कन्नौजिया, मोबाइलाइजर अनिल, पर्वतारोही गुंजा देवी, महिला शिक्षक पूनम देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील यादव, करंडा थाने की महिला हेल्प डेस्क टीम और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


#tags: #MahilaSashaktikaran #Dharammarpur #SamaveshFoundation #WomenEmpowerment #SocialEquality

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading