Mahakumbh: 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने दिया एकता का सन्देश…

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों, प्रयागराज महाकुंभ, बाबा विश्वनाथ धाम, अयोध्या में देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं और प्रदेश के सभी देवालयों-शिवालयों में उमड़े आस्थावानों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा है कि यहां अब तक लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय एकात्मकता और राष्ट्रीयता के प्रति समर्पण का संदेश पूरी दुनिया को दिया है।

महाशिवरात्रि पर बुधवार को गोरखपुर के प्रमुख शिवालयों के भ्रमण, दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुक्तेश्वरनाथ मंदिर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि आज महाशिवरात्रि है अर्थात देवाधिदेव महादेव की उपासना का विशेष दिवस। देवाधिदेव महादेव कल्याण के देवता हैं। वह सबके प्रति कल्याण का भाव रखते हैं। उनकी कृपा दृष्टि से ही सभी व्यवस्था संचालित हो पाती है। महाशिवरात्रि पर प्रयागराज महाकुंभ में, बाबा विश्वनाथ के धाम काशी में और प्रदेश के अन्य सभी महत्वपूर्ण शिवालयों में श्रद्धालुजन भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था निवेदित कर रहे हैं। हर जगह भारी भीड़ है और श्रद्धालुजन अपार श्रद्धा भाव के साथ दर्शन-पूजन कर रहे हैं। यह आस्था भारत की एकात्मकता का प्रतीक है। मैं इस आस्था को नमन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में अपार भीड़ है। 13 जनवरी से प्रारंभ हुआ महाकुंभ आज पूर्णाहुति को प्राप्त करेगा। लगभग 66 करोड़ श्रद्धाुलुजन मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती की त्रिवेणी में पावन डुबकी लगाकर राष्ट्रीय एकात्मकता का नया संदेश दे रहे हैं। वसुधैव कुटुंबकम के भाव के साथ श्रद्धालु सभी को राष्ट्रीयता के प्रति समर्पित होने की नई प्रेरणा भी प्रदान कर रहे हैं। उधर काशी विश्वनाथ धाम में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से लगातार वहां पर 8 से 10 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन कर रहे हैं और आज तो महाशिवरात्रि भी है। अयोध्या धाम में भी यही स्थिति है। 8 से 10 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन वहां श्रीरामजन्मभूमि पर प्रभु रामलला के दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या में आज भी अपार भीड़ है। प्रदेश के सभी अन्य देवालयों जैसे गाजियाबाद में बाबा ददुग्धेश्वरनाथ धाम, बागपत में पुरा महादेवधाम, मेरठ के बाबा औघड़नाथ धाम, बाराबंकी के बाबा लोधेश्वरनाथ मंदिर, गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर, नाथनगरी बरेली, गोंडा, बस्ती में बाबा भदेश्वरनाथ मंदिर, झारखंडी महादेव मंदिर, अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर, रुद्रपुर देवरिया के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिस लोक कल्याण के भाव की प्रेरणा देवाधिदेव महादेव से हम सबको प्राप्त होती है, उसी लोकेमंगल की कामना से हम लोग अपने समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण भाव से कार्य कर पाएंगे।

बुधवार सुबह महाशिवरात्रि पर सीएम योगी के आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर से हुई। मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में उन्होंने भगवान भोले शंकर का गोदुग्ध से रुद्राभिषेक किया। मठ के पुरोहित एवं वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री ने हवन तथा आरती कर चराचर जगत के कल्याण हेतु महादेव से प्रार्थना की। अनुष्ठान का यह कार्य दो घंटे से अधिक समय तक चला। इसके पूर्व मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर में भी पूजन किया। उन्होंने यहां भगवान नंदी का पूजन कर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। उल्लेखनीय है कि नाथपंथ की परंपरा में गुरु गोरखनाथ सबका कल्याण करने वाले भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। गोरखनाथ मंदिर के मूल में भी लोक कल्याण एवं लोक मंगल की ही भावना है। ऐसे में गोरक्षपीठाधीश्वर के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद महत्वपूर्ण होता है।

By Abhinendra

Journalist

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