लखनऊ में हार्नर कॉलेज, महानगर में आयोजित नान-ओलम्पिक खेलों में सेन्ट रोज़ पब्लिक स्कूल (St. Rose Public School) के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पुरस्कार अपने नाम किए। प्रतियोगिता में लखनऊ के करीब 18 स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सेन्ट रोज़ पब्लिक स्कूल की अलफ़िशा ने ‘घोड़ा जमाल खाए’ में प्रथम पुरस्कार, उम्मे कुलसुम ने पंजा कुश्ती में द्वितीय पुरस्कार और हाजरा परवीन ने गुट्टक में तृतीय पुरस्कार हासिल किया। इस प्रदर्शन के बाद स्कूल में खुशी का माहौल रहा।

तीन विद्यार्थियों ने हासिल किए पुरस्कार:
प्रतियोगिता में अलफ़िशा ने ‘घोड़ा जमाल खाए’ खेल में प्रथम स्थान हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया। वहीं उम्मे कुलसुम ने पंजा कुश्ती में द्वितीय पुरस्कार जीता। गुट्टक प्रतियोगिता में हाजरा परवीन ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया। तीनों विजेताओं को हार्नर कॉलेज (Harner College) की प्रधानाचार्या डॉ. माला मेहरा, अजय दीप सिंह (Ajay Deep Singh) आईएएस, ए.के. सक्सेना, महासचिव और रज़ा हुसैन के हाथों सम्मानित किया गया।
अन्य विद्यार्थियों ने भी दिखाया हुनर:
प्रतियोगिता में स्कूल की टीम के अन्य विद्यार्थियों ने भी विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टीम में शामिल आलिमा मन्सूर, हुनैन हसन ख़ां, रमीज़ अहमद और अलैना ने सीकरी, पोशाम पा और कंचे जैसे खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। इन विद्यार्थियों ने भी प्रतियोगिता के दौरान उत्साह के साथ भाग लिया और खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया।
स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों का हुआ स्वागत:
प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतने के बाद जब स्कूल की टीम वापस पहुंची तो विद्यार्थियों का उनके सहपाठियों, प्रधानाचार्या और शिक्षकों ने स्वागत किया। पुरस्कार जीतकर लौटे विद्यार्थियों को लेकर स्कूल में खुशी का माहौल रहा और बच्चों के साथ खुशियां मनाई गईं। विद्यार्थियों की उपलब्धि को स्कूल परिवार ने उत्साह के साथ साझा किया।
स्कूल प्रबंधन ने दी विद्यार्थियों को बधाई:
स्कूल प्रबंधन की ओर से डॉ. मन्सूर हसन खां ने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह कामयाबी हासिल करने की दुआएं दीं। स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों के प्रयास और प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी को सराहा।
बच्चों को खेलों से जोड़ने पर दिया जोर:
इस अवसर पर हार्नर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. माला मेहरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बच्चों के साथ संवाद और उनके विचारों को समझने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल बच्चा समझने के बजाय उनके साथ एक अच्छे दोस्त की तरह व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ बैठकर उनकी बातें सुनने और उन्हें समझने की बात कही।
डॉ. माला मेहरा ने कहा कि बच्चे मासूम होते हैं और जब तक माता-पिता उनकी बातों और चीजों को समझाने का प्रयास नहीं करेंगे, तब तक उनके लिए कई बातें समझना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने बच्चों को खेलों से जोड़ने को जरूरी बताया। उनके मुताबिक पहले खेले जाने वाले खेल बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
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