‘हम किसी के खिलाफ नहीं’, BRICS शुरू होते ही पीएम मोदी ने दिया US को मैसेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS समिट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी देशों को साथ लेकर चलने वाला मंच है। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत सदस्य देशों के नेता मौजूद रहे। समिट के दौरान BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर भी सहमति बनी।

मतभेदों के बीच बनी संयुक्त बयान पर सहमति:

BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल है। ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख होने के बावजूद सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाने की दिशा में प्रयास किए गए। भारत ने लगातार बातचीत के जरिए इन मतभेदों को दूर करने और सदस्य देशों के बीच सहमति कायम करने में अहम भूमिका निभाई।

अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा बनाने पर जोर:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के अगले 20 वर्षों के लिए नया एजेंडा तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसका उद्देश्य BRICS के आगे के कामकाज और लिए गए फैसलों को अमल में लाने की व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया।

ग्लोबल साउथ की भागीदारी पर प्रधानमंत्री का जोर:

मोदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने वैश्विक स्तर पर नियम बनाने की प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।

युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को प्रशिक्षण का सुझाव:

प्रधानमंत्री ने युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को तैयार करने का सुझाव भी दिया। इसके तहत उन्हें बातचीत और कानून की प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने की बात कही गई। उनका जोर भविष्य के लिए ऐसे युवाओं को तैयार करने पर रहा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत और नीतिगत प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।

मुसीबत में फंसे नाविकों के लिए नेटवर्क का प्रस्ताव:

मोदी ने मुसीबत में फंसे नाविकों की सहायता के लिए सदस्य देशों के बीच आपातकालीन नेटवर्क बनाने की बात रखी। इस नेटवर्क के जरिए जरूरत पड़ने पर नाविकों को इलाज उपलब्ध कराने, उनके परिवारों से संपर्क कराने और उन्हें सुरक्षित निकालने में मदद की जा सकेगी।

‘भविष्य सबका तो फैसला भी सबका’:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के साझा भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। उनके इस बयान में सभी देशों की भागीदारी और साझा निर्णय प्रक्रिया पर जोर दिखाई दिया।

सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग:

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। BRICS समिट में शामिल होने के बाद शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है।

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