सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल का अखिलेश यादव पर पलटवार, कहा- “मुझे मिटा पाना आसान नहीं”




Lucknow: समाजवादी पार्टी से हाल ही में निष्कासित विधायक पूजा पाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को उन्होंने अपने X अकाउंट पर दो पन्नों का लेटर पोस्ट कर पलटवार करते हुए कहा कि, “अखिलेश जी, मुझे मिटा पाना इतना आसान नहीं है। आप अपराधियों को संरक्षण देकर जो पाप कर रहे हैं, आने वाली पीढ़ियां आपको कभी माफ नहीं करेंगी।”

दरअसल, रविवार को अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “भाजपा वाले पूजा पाल को मार देंगे, लेकिन जेल हम लोग जाएंगे। इसलिए यह जांच होनी चाहिए कि पूजा पाल को खतरा किससे है।” इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूजा पाल ने अखिलेश पर माफियाओं को संरक्षण देने और अपनी हत्या की साजिश कराने का आरोप लगाया।

पति की हत्या का जिक्र कर अखिलेश पर निशाना

पूजा पाल ने अपने पत्र में कहा कि क्या अखिलेश भूल गए जब उनके पति, पूर्व विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। उन्होंने लिखा, “मेरे पति को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भून दिया गया था और पूरे प्रयागराज शहर को एके-47 से दहला दिया गया था। उस समय राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। तब जितना पाप हुआ, वैसा किसी और सरकार में नहीं देखा गया।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा ने न केवल उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की, बल्कि पति की हत्या कराने वाले माफिया को उनके खिलाफ चुनाव में उतारकर उनका अपमान भी किया।

“मेरा मकसद मंत्री बनना नहीं, पति के हत्यारों को सजा दिलाना था”

अपने बयान में पूजा पाल ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता या पद नहीं था, बल्कि पति के हत्यारों को सजा दिलाना था। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरे पति के हत्यारों को मिट्टी में मिला दिया। मेरे जीवन का मकसद पूरा हो गया है। लेकिन आप (अखिलेश) आज भी अपराधियों को दूध पिला रहे हैं और उन्हें संरक्षण दे रहे हैं।”

सपा पर हत्या की साजिश रचने का आरोप

विधायक ने लिखा कि उन्हें समाजवादी पार्टी के पोषित गुंडों से जान का खतरा है। उन्होंने गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस मामले की जांच कराई जाए। “मुझे भाजपा या उसके किसी नेता-कार्यकर्ता से कोई खतरा नहीं है, बल्कि सपा के लोग ही मेरी हत्या करा सकते हैं।”

“पूरी पार्टी पाल समाज की बेटी के पीछे पड़ी”

पूजा पाल ने यह भी कहा कि उन्होंने विधानसभा में जब माफिया अतीक अहमद का नाम लिया, तभी उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। “सिर्फ एक बयान के कारण पूरी समाजवादी पार्टी ने अतिपिछड़े पाल समाज की बेटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जबकि मैंने कभी पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं की थी।”

अखिलेश की राजनीति पर सवाल

पत्र में उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा, “आप एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। फिर भी आपको इतने प्रकार के रंग क्यों बदलने पड़ रहे हैं? आप खुद पीडीए के अर्थ को लेकर स्थिर नहीं हैं और हर बार उसका नया मतलब बता देते हैं।”

पूजा पाल का राजनीतिक सफर

पूजा पाल का राजनीति में सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उनके पति और बसपा विधायक राजू पाल की 2005 में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2007 व 2012 में बसपा से चुनाव जीतकर विधायक बनीं। 2017 में वह हार गईं, लेकिन 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चायल सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
14 अगस्त को विधानसभा सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था।

सपा का पलटवार

समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल पर आरोप लगाया कि वे लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने रवैया नहीं बदला और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया।

पूजा पाल और अखिलेश यादव के बीच इस टकराव से सियासी हलचल तेज हो गई है। एक ओर विधायक ने भाजपा और सीएम योगी के प्रति समर्थन जताया है, वहीं सपा का कहना है कि उनका निष्कासन अनुशासनात्मक कार्रवाई का नतीजा है। अब देखना होगा कि पूजा पाल का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है।

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