नगर निगम मुख्यालय पर किसानों का घेराव: बछड़े की मौत से भड़का गुस्सा

रिपोर्ट: सऊद अंसारी

Lucknow: नगर निगम की कार्रवाई के दौरान एक साल के बछड़े की मौत के बाद किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। नाराज किसानों ने दोपहर एक बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर मुख्य गेट समेत सभी प्रवेश द्वारों पर ताला जड़ दिया। ट्रैक्टरों से पहुंचे किसानों ने न सिर्फ दफ्तर का घेराव किया, बल्कि सामने की आधी सड़क पर कब्जा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दोपहर तीन बजे तक अधिकारियों द्वारा कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर किसानों ने विधान भवन की ओर कूच किया।

पुलिस ने उन्हें दारुलशफा विधायक निवास के पास रोक लिया, जहां किसान धरने पर बैठ गए। देर शाम बातचीत के बाद पकड़े गए मवेशियों को दो दिन में छोड़ने और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिलने पर किसान मान गए, लेकिन नगर निगम मुख्यालय पर उनका धरना जारी रहा।


किसानों की मांग: गोकशी का मुकदमा दर्ज हो

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने बताया कि 11 सितंबर को नगर निगम की टीम लालजी टंडन वार्ड के बरावन कला दुबग्गा में गई थी। वहां पांच मवेशियों को पकड़ा गया। आरोप है कि इस दौरान निगम टीम ने एक साल के बछड़े की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। किसानों का कहना है कि यह अमानवीय और निंदनीय कृत्य है।


आलोक वर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर गोकशी का मुकदमा दर्ज नहीं होता और पकड़े गए मवेशियों को बिना किसी जुर्माने के छोड़ा नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


तालाबंदी से ठप हुआ नगर निगम का काम

किसानों की अचानक की गई तालाबंदी से नगर निगम का पूरा कामकाज प्रभावित हो गया। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर भवन कर जमा कराने आए लोग निराश होकर लौट गए। दफ्तर में मौजूद कर्मचारी भी कामकाज नहीं कर पाए और कई लोगों को बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक गेटों का सहारा लेना पड़ा।


लालबाग में घंटों जाम, जनता परेशान

नगर निगम मुख्यालय के सामने आधी सड़क किसानों के कब्जे में होने से लालबाग क्षेत्र में लंबा जाम लग गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आसपास की सड़कों पर भी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग ने यातायात को अवरुद्ध कर दिया।
लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। हालांकि निगम मुख्यालय पर पूर्व सैनिकों की तैनाती है, लेकिन अव्यवस्था के बीच वे स्थिति को नियंत्रित करने में कोई खास भूमिका निभाते नहीं दिखे।


आंदोलन से बढ़ी प्रशासनिक बेचैनी

किसानों के इस प्रदर्शन और तालाबंदी ने नगर निगम प्रशासन के साथ ही पुलिस-प्रशासन को भी बेचैन कर दिया। दिनभर चली खींचतान के बाद किसी तरह बातचीत से किसानों को शांत किया गया, लेकिन धरना स्थल नगर निगम मुख्यालय के भीतर ही जारी रहने से तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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