Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹735.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह राशि माननीय राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी की गई है।
तीन अनुदान मदों से स्वीकृति
जारी आदेश के अनुसार, यह धनराशि तीन अलग-अलग अनुदान मदों से स्वीकृत की गई है। अनुदान सं. 37 से ₹548.98 करोड़, अनुदान सं. 83 से ₹183.98 करोड़ और अनुदान सं. 81 से ₹2.98 करोड़ शामिल हैं। इसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों का अंश सम्मिलित है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल आवास निर्माण कार्यों में ही किया जाएगा। प्रत्येक आवास की जियो टैगिंग और फोटो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। साथ ही राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के मानकों और आपदा प्रतिरोधी सुविधाओं का पालन करना होगा। यदि धन का अनुचित उपयोग पाया गया, तो पूरी राशि ब्याज सहित केंद्र सरकार को लौटाई जाएगी।
कड़ी वित्तीय अनुशासन व्यवस्था
धन आहरण की प्रक्रिया भी सख्त वित्तीय अनुशासन के तहत होगी। आहरण केवल मुख्य सचिव, सचिव, विशेष सचिव अथवा उप सचिव (नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग) के अनुमोदन के बाद ही संभव होगा। इसके अलावा सूडा और डूडा यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना के लिए पहले से किसी अन्य स्रोत से धनराशि प्राप्त न हुई हो।
“सबके लिए आवास” की दिशा में कदम
विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि यह स्वीकृति प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे “सबके लिए आवास” के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम बताया।
उत्तर प्रदेश में शहरी गरीबों के लिए आवास को नई गति – ₹735.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत