रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: लखनऊ में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब नोएडा की रहने वाली एक रेप पीड़िता ने मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद आत्मदाही दस्ते ने तुरंत महिला को पकड़कर बचा लिया। पीड़िता का आरोप है कि उसने आरोपी की लोकेशन कई बार पुलिस को बताई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न्याय न मिलने की स्थिति में महिला ने राजधानी आकर यह चरम कदम उठाने की कोशिश की।
25 दिन बाद हुआ केस दर्ज, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़िता के अनुसार, उसने 24 जून को नोएडा पुलिस को तहरीर दी थी। इसके बाद भी मुकदमा दर्ज कराने में 25 दिन का समय लग गया। अंततः हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर शालीमार गार्डन थाना, नोएडा में केस दर्ज हुआ। महिला का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाई और आरोपी को पकड़ने की दिशा में कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया। बार-बार लोकेशन बताने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
इंस्टाग्राम पर दी थी चेतावनी
पुलिस की लापरवाही और न्याय में हो रही देरी से व्यथित पीड़िता ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की थी। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन हरकत में नहीं आए। महिला सोमवार को सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंच गई और वहां आत्मदाह की कोशिश की।
नोएडा पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता का कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह अन्य रास्ते अपनाने के लिए मजबूर होगी। वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रेप जैसी संवेदनशील घटनाओं में लापरवाही करना न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि पीड़िताओं को चरम कदम उठाने पर भी विवश करता है।
सीएम आवास के पास आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप