Lucknow के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुई एक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। एएस टिंबर स्टोर में काम करने वाले 31 वर्षीय अमित कुमार शर्मा की उसके ही साथी ने पैसों के विवाद को लेकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना का सीसीटीवी फुटेज मंगलवार को सामने आया, जिसमें साफ दिख रहा है कि हमलावर ने महज 8 सेकेंड में पटरे से 5 वार कर दिए, जिससे अमित के सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गईं। इलाज के दौरान सोमवार रात अमित की मौत हो गई।
अमित सीतापुर जिले के कुशमा गांव के निवासी थे और पिछले छह साल से एएस टिंबर स्टोर में काम कर रहे थे। रविवार रात को वह स्टोर पर अपने कुछ साथियों के साथ बैठे थे। इसी दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर उनका विवाद विकेश कुमार नामक साथी से हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि विकेश ने स्टोर में रखा पटरा उठाकर अमित पर हमला कर दिया। वह जमीन पर गिर पड़े, लेकिन विकेश ने उन पर ताबड़तोड़ कई वार किए और फिर आराम से बाहर निकल गया।
सीसीटीवी फुटेज में यह भी देखा गया कि वारदात के दौरान मौके पर मौजूद अन्य युवक बीच-बचाव में आगे नहीं आए। घायल हालत में अमित को सेवा अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
अमित की पत्नी मनोरमा का आरोप है कि जब वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचीं तो पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया। निराश होकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मनोरमा का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई और बेहतर इलाज मिलता, तो शायद उनके पति की जान बच सकती थी।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी विकेश के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
इस वारदात ने मृतक के परिवार को गहरा सदमा दिया है। अमित सुशांत गोल्फ सिटी में अकेले रहते थे, जबकि उनका परिवार गांव में रहता था। पीछे उनकी पत्नी मनोरमा, 8 साल की बेटी रिया और छोटा बेटा शशांक है। घटना के बाद से परिवार पूरी तरह टूट चुका है और मनोरमा ने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
यह मामला पुलिस की संवेदनहीनता और स्थानीय स्तर पर लापरवाही पर भी सवाल खड़ा करता है। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद ही कार्रवाई शुरू होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि शिकायत को शुरू में ही गंभीरता से लिया गया होता तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था।
लखनऊ की यह घटना न केवल एक परिवार की जिंदगी उजाड़ गई, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा गई है।
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