प्राइमरी स्कूल मर्जर पर हाईकोर्ट की रोक, यथास्थिति का आदेश
Lucknow: प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों के मर्जर (विलय) से जुड़ा मामला शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में उठा। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीतापुर जिले से जुड़े याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश देते हुए यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में बिना ठोस आधार के जल्दबाजी न करे।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के विलय की प्रक्रिया चलाई जा रही है। नियमानुसार ऐसे स्कूल, जहां विद्यार्थियों की संख्या 50 से अधिक है, उन्हें मर्ज नहीं किया जाएगा। वहीं, जिन स्कूलों के बीच की दूरी एक किलोमीटर से कम है और जहां बच्चों की संख्या पंजीकरण के अनुसार 50 से कम है, वहां विलय की कार्रवाई की जा सकती है।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि मर्जर से ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे गांवों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। कई स्थानों पर बच्चों को अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे विद्यालय छोड़ने की आशंका भी बढ़ेगी। इस पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा और फिलहाल सीतापुर में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
सरकार ने आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र-छात्रा की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। बल्कि, मर्जर के बाद शिक्षक संख्या, संसाधन और सुविधाएं बढ़ने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिए जाएंगे।