लखनऊ : सऊद अंसारी
(Lucknow) के केजीएमयू मेडिकल कॉलेज (KGMU Medical College) में डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप का मामला सामने आया है। बीकेटी (BKT) इलाके के रहने वाले अंकित मिश्रा ने बताया कि उनके पिता रमाकांत मिश्रा को तीन बार हार्ट अटैक (Heart Attack) आया। इसके बाद वे भागकर केजीएमयू पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक लॉरी (Ambulance) में ही पिता का इलाज नहीं किया। उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) से मदद की गुहार लगाई।
लॉरी में मिली लापरवाही:
अंकित मिश्रा ने बताया कि पिता को गंभीर हालत में लेकर लॉरी में आने के बाद भी डॉक्टरों ने इलाज में देरी की। लॉरी में पिता दर्द से तड़प रहे थे, लेकिन उन्हें कोई प्राथमिक इलाज नहीं मिला। उन्होंने कहा, “डॉक्टर नर्स को कह रहे थे कि खुद कर दो, किसी ने मदद नहीं की।”
हॉस्पिटल में बदसलूकी का आरोप:
अंकित मिश्रा का आरोप है कि लॉरी में भर्ती होने के बाद हॉस्पिटल (Hospital) में उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। गुरुवार और शुक्रवार की देर रात तीसरा हार्ट अटैक पड़ने के बाद पिता को बिठौली के पास IIM रोड पर स्थित SM हॉस्पिटल (SM Hospital) ले जाया गया, जहां से उन्हें लॉरी के लिए रेफर किया गया। रात में करीब 1 बजे पिता को इमरजेंसी (Emergency) में लाया गया, लेकिन एक घंटे तक उन्हें अकेले ही पड़े रहने दिया गया।
डॉक्टर गौरव पर आरोप:
अंकित मिश्रा ने कहा कि मौके पर मौजूद डॉक्टर गौरव (Dr. Gaurav) ने पिता का कोई इलाज नहीं किया और शिकायत करने पर अभद्रता करते हुए उन्हें बाहर भगा दिया। अंकित ने बताया कि डॉक्टर ने नशे का झूठा आरोप लगाकर कर्मचारियों से धक्का दिलवाया और कहा कि “यह अस्पताल किसी के बाप का नहीं है।”
आईसीयू में भर्ती और स्थानांतरण:
अंकित मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पिता को ICU (Intensive Care Unit) में एडमिट किया गया। 2 से 3 घंटे बाद मां के फोन पर पता चला कि उन्हें दूसरे सामान्य ICU में शिफ्ट कर दिया गया।
डिप्टी सीएम से मदद की गुहार:
पीड़ित परिवार ने इस मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी मरीज के साथ ऐसी लापरवाही और बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी मरीज इस तरह की तकलीफ न झेले।