लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में तेंदुआ दिखने की खबर ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया। सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हुई जिसमें तेंदुआ इलाके में घूमता हुआ नजर आ रहा था। देखते ही देखते यह तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। लेकिन जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि यह फोटो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार की गई थी।
वायरल फोटो ने बढ़ाई दहशत
इलाके में जैसे ही तेंदुए की तस्वीर फैली, लोग सहम गए। आसपास के मोहल्लों में चर्चा का माहौल बन गया कि तेंदुआ गलियों में घूम रहा है। लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों को देर रात बाहर निकलने से रोक दिया। अफवाहों के बीच सोशल मीडिया पर फोटो लगातार शेयर की जाती रही।
पुलिस की पड़ताल में खुला राज
फोटो वायरल होने के बाद आशियाना थाना पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि वे देर रात तक मोहल्ले में मौजूद थे लेकिन किसी ने तेंदुआ नहीं देखा। साथ ही, किसी ने कोई असली फोटो भी नहीं खींची। पुलिस को शक हुआ और तकनीकी जांच में साफ हो गया कि यह तस्वीर एआई से बनाई गई थी।
नाबालिक हिरासत में
पुलिस ने मामले की तहकीकात करते हुए उस व्यक्ति की पहचान की जिसने यह फोटो वायरल की थी। जांच में सामने आया कि इस हरकत के पीछे एक नाबालिक लड़का था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने यह काम मजाक में किया था या किसी और मंशा से।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सही नहीं होती। एक झूठी फोटो ने पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बना दिया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी खबर या तस्वीर को आगे न बढ़ाएं।

