स्विमिंग पूल में डूबे इंस्पेक्टर, विवाद से था नाता…

लखनऊ में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। सुबह नहाने के लिए गए इंस्पेक्टर लंबे समय तक बाहर नहीं लौटे, जिसके बाद तलाश शुरू हुई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद SDRF टीम ने उनकी बॉडी पूल से बाहर निकाली। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।


सूचना मिलते ही हड़कंप

डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि दोपहर 12 बजे महानगर थाना पुलिस को घटना की खबर मिली। तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को पूल से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी का स्विमिंग स्लॉट रोज सुबह 6 बजे से 8 बजे तक बुक रहता था।


सुबह गए थे तैरने, घर नहीं लौटे

घटना के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे तक इंस्पेक्टर अश्विनी पूल से बाहर नहीं आए। जब वह घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन शुरू की गई। SDRF की टीम बुलाई गई और सर्च ऑपरेशन चलाकर बॉडी को पूल से बाहर निकाला गया।


अंबेडकरनगर के रहने वाले थे अश्विनी

अश्विनी चतुर्वेदी मूल रूप से अंबेडकरनगर के रहने वाले थे। लखनऊ में वह लेखराज इलाके में अपने भतीजे और भांजे के साथ रहते थे। पोस्टमॉर्टम के लिए बॉडी भेज दी गई है।


कर्मचारियों को ऐसे हुई जानकारी

स्विमिंग पूल स्टाफ के मुताबिक, सुबह का दो घंटे का स्लॉट खत्म होने के बाद जब कर्मचारी पूल बंद करने पहुंचे तो एक बैग नजर आया। शक होने पर उन्होंने आसपास देखा तो पता चला कि अश्विनी पूल में डूबे हुए हैं। तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई।


चिनहट कस्टडी केस से जुड़ा विवाद

अक्टूबर 2025 में इंस्पेक्टर अश्विनी का नाम एक विवादित मामले में भी सामने आया था। चिनहट थाना प्रभारी रहते हुए व्यापारी मोहित पांडेय की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। परिजनों और स्थानीय लोगों ने लोहिया अस्पताल से लेकर विभूतिखंड तक धरना दिया।


विधायक ने माना था पुलिस की गलती

उस समय बीकेटी के भाजपा विधायक योगेश शुक्ला मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि पुलिस से गलती हुई है और परिवार को सीएम से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था। इसके साथ ही मृतक की मां और पत्नी को 1 लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी गई थी। इसी मामले के चलते इंस्पेक्टर अश्विनी को चिनहट थाने से निलंबित कर दिया गया था।


हादसे ने छोड़े कई सवाल

क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की स्विमिंग पूल में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच टीम अब इस घटना की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।


By Abhinendra

Journalist

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