रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: लखनऊ से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां समाजवादी पार्टी के विधायक कावेंद्र चौधरी के साले ने फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक लंबे समय से मानसिक अवसाद से जूझ रहे थे। हालांकि, मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
घटना स्थल और मृतक की पहचान
यह घटना गोमतीनगर सृजन विहार कॉलोनी में हुई, जहाँ 27 वर्षीय कार्तिकेय राज वर्मा फांसी के फंदे से लटके पाए गए। कार्तिकेय अंबेडकरनगर में होटल संचालित करते थे। उनके जीजा कावेंद्र चौधरी बस्ती से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी के अनुसार, कार्तिकेय के पिता शोभा राम वर्मा बलिया में जिला पंचायत विभाग में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। घटना मंगलवार देर रात हुई।
घटना का पता और प्राथमिक कार्रवाई
गृहस्वामी घटना के समय घर पर नहीं थे। बुधवार सुबह, घर का नौकर कमरे में फंदे से लटके कार्तिकेय को देखकर शोर मचाया। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से कार्तिकेय को फंदे से उतारा गया और लोहिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड नोट और परिवार की प्रतिक्रिया
मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस द्वारा परिवार से पूछताछ में पता चला कि कार्तिकेय काफी समय से अवसाद में थे। परिवार के अनुसार, मानसिक तनाव और व्यक्तिगत परेशानियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई
पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। इंस्पेक्टर तिवारी ने बताया कि साक्ष्यों और तफ्तीश के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पड़ोसियों और घरवालों से पूछताछ जारी है।
मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता
इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक अवसाद और तनाव में रहने वाले व्यक्ति को समय रहते मदद की आवश्यकता होती है। परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाई जाए और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
गोमतीनगर में हुई यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस की जांच और परिवार की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि यह कदम मानसिक परेशानी और तनाव का परिणाम था। आगे जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा।