लखनऊ (Lucknow) के एक कोचिंग संस्थान में हाल ही में हुई भीषण अग्निकांड की घटना और उससे हुई जनहानि एवं जनक्षति को गंभीरता से लेते हुए जनपद प्रशासन ने सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद में संचालित सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना रहा।
सुरक्षा मानकों के पालन पर प्रशासन का जोर:
बैठक में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि जनहानि किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और प्रशासन का प्रयास रहेगा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति जनपद में न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से रोकथाम की दिशा में काम करेगा। बैठक में जनपद के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और कोचिंग संस्थानों के संचालकों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान मालिकों ने भाग लेकर प्रशासन के साथ संवाद किया।
फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य:
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी होटल, लॉज, हॉस्टल तथा 100 से अधिक क्षमता वाले कोचिंग संस्थान फायर डिपार्टमेंट (Fire Department) से एनओसी (NOC) अथवा अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र अवश्य प्राप्त करें। साथ ही सभी भवनों में अग्निशमन यंत्र, वॉटर हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग से सभी भवनों का लोड ऑडिट कराने और ओवरलोडिंग, जर्जर वायरिंग तथा ढीले विद्युत कनेक्शनों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश भी दिए। प्रत्येक मंजिल पर एमसीबी लगाने को भी अनिवार्य बताया गया।
निकास मार्ग और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान:
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक भवन में कम से कम दो स्वतंत्र निकास मार्ग या सीढ़ियां हों। निकास मार्ग पर किसी प्रकार का सामान, कुर्सी या साइकिल आदि नहीं रखी जाएगी, ताकि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में कोई बाधा न हो। इसके अलावा, रात में भी स्पष्ट दिखाई देने वाले निकास संकेतक लगाए जाएं। सभी कर्मचारियों, शिक्षकों और वार्डनों को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण देने तथा नियमित रूप से सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
कोचिंग संस्थानों के लिए विशेष निर्देश:
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी कोचिंग संस्थान में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों को नहीं बैठाया जाएगा और प्रत्येक कक्ष में छात्रों की संख्या निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाएगी। साथ ही किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संचालित नहीं की जाएगी। सभी संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे संचालित रहें और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए। प्रत्येक कक्षा में आपात निकास मार्ग का नक्शा लगाया जाए तथा छात्रों को अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी की नियमित जानकारी दी जाए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई:
बैठक के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी हादसे में लापरवाही सामने आती है तो भवन स्वामी, संस्थान संचालक और संबंधित अधिकारी के खिलाफ भारतीय कानून के तहत सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया कि जनपद में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी
