लखनऊ में लोन रिकवरी एजेंट की हत्या के बाद सामने आए नए तथ्यों ने पुलिस जांच को और गहरा कर दिया है। शुरुआती CCTV फुटेज में तीन बदमाश दिखाई दिए थे, लेकिन अब जांच में स्पष्ट हुआ है कि वारदात में चार लोगों की पूरी गैंग शामिल थी। इनमें से दो बदमाशों ने हमला किया, जबकि बाकी दो बाइक पर घटनास्थल के पास उनका इंतजार करते रहे। मामला 19 नवंबर की रात का है, जब इंदिरानगर सेक्टर-8 चौराहे पर फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट शशि प्रकाश उपाध्याय की हत्या कर दी गई थी। पुलिस टीम अब इन बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
हत्या के बाद आरोपी देर तक घूमते रहे:
जांच में पता चला है कि शशि प्रकाश उपाध्याय की हत्या करने के बाद हमलावर काफी देर तक आसपास के इलाके में घूमते रहे। CCTV कैमरों में तीन बदमाशों की झलक मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि कुल चार लोग इस वारदात में शामिल थे। दो ने सीधे हमला किया, जबकि दो अन्य बाइक से उनकी रवानगी के लिए पास ही खड़े रहे।
घर से कुछ दूरी पर मिला था शव:
शशि प्रकाश उपाध्याय (24) मूलरूप से अंबेडकरनगर के राजे सुल्तानपुर निवासी थे। वह इंदिरानगर के सेक्टर-8 स्थित रघुराज नगर में किराए के घर में अकेले रहते थे। वह विष्णु एंड कंपनी (Vishnu & Company) में लोन रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत थे। बुधवार की रात करीब 11 बजे उनका शव घर से लगभग 200 मीटर दूर चौराहे पर खून से लथपथ अवस्था में मिला था। इससे पहले वह रात करीब 10 बजे किसी फोन कॉल के बाद घर से बाहर निकले थे।
कॉल रिकॉर्ड से मिले संदिग्ध नंबर:
पुलिस ने शशि प्रकाश के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिसमें 8 से 10 संदिग्ध नंबर सामने आए हैं। पुलिस अब इन नंबरों की लोकेशन और उपयोगकर्ताओं की पहचान कर रही है। आशंका है कि इन्हीं लोगों का इस हत्या से संबंध हो सकता है। इसी आधार पर टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और वारदात से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही हैं।
कंपनी कर्मचारियों से पूछताछ तेज:
शुक्रवार को पुलिस की एक टीम विष्णु एंड कंपनी (Vishnu & Company) पहुंची और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच में यह संकेत मिले हैं कि हत्या किसी पुराने विवाद या रिकवरी के दौरान हुए तनाव से जुड़ी हो सकती है। पुलिस इसे आपसी रंजिश या पेशे से जुड़े विवाद की नजर से देख रही है।
चार आरोपी चिन्हित, पुलिस गिरफ्तारी के करीब:
फुटेज के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्धों को चिह्नित किया है। एसीपी गाजीपुर (ACP Ghazipur) अनिंद्य विक्रम सिंह के अनुसार फुटेज और कॉल रिकॉर्ड से कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता आसान हुआ है। डीसीपी पूर्वी (DCP East) शशांक सिंह ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार वर्क कर रही हैं और जिन चार लोगों को चिह्नित किया गया है, उनकी तलाश में एक के बाद एक दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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