लखनऊ यूनिवर्सिटी (Lucknow University) के न्यू कैंपस में गुरुवार सुबह गंगा हॉस्टल (Ganga Hostel) की BBA छात्रा कशिश मेस का खाना खाने के बाद बीमार हो गई। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल मदद दी गई। छात्राओं ने मेस में ताला लगा दिया और कुलपति (Vice Chancellor) के आने तक ताला खोलने से मना कर दिया। कुलपति और प्रोक्टोरियल बोर्ड (Proctorial Board) के सदस्य मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर ताला खुलवाया।
छात्राओं का विरोध और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा है। अर्ची कटियार ने बताया कि प्रोवोस्ट की लापरवाही के कारण तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी। छात्राएं आरोप लगाती हैं कि शिकायत करने पर उन्हें टारगेट किया जा रहा है और उनके कैरेक्टर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मेघना ने कहा कि 200 छात्राओं की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है और पेरेंट्स को गलत जानकारी दी जा रही है।
प्रोवोस्ट की लापरवाही:
छात्राओं के अनुसार, असिस्टेंट प्रोवोस्ट प्रणति श्रीवास्तव (Pranati Srivastava) ने बुधवार रात हॉस्टल पहुंचकर समस्याएं सुनीं, लेकिन समाधान देने की बजाय सवाल उठाए। इसी दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ती रही। दो घंटे बाद प्रोवोस्ट नीतम सिंह (Neetam Singh) पहुंचे और प्रतिनिधियों के माध्यम से बातचीत की बात कही। इसके बाद प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों ने मौके पर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मेस और हॉस्टल का निरीक्षण:
गुरुवार सुबह डीएसडब्ल्यू टीम (DSW Team) और कुलपति ने मेस व हॉस्टल का निरीक्षण किया। प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने की बात कही। छात्राओं ने बताया कि वे लंबे समय से समस्याएं झेल रही हैं और इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती हैं।
सोयाबीन में चूहों का वीडियो वायरल:
छात्राओं ने बताया कि मेस की स्थितियां बहुत खराब हैं। गुरुवार को सोशल मीडिया पर न्यू कैंपस के कौटिल्य छात्रावास (Kautilya Hostel) के किचन का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सोयाबीन में चूहों के बच्चे देखे जा सकते हैं। यह वीडियो छात्राओं के आक्रोश को और बढ़ा गया।
FSDA की जांच:
छात्राओं के हंगामे के बाद FSDA (Food Safety and Standards Authority) की टीम ने गुरुवार शाम गंगा हॉस्टल पहुंचकर सहायक प्रोवोस्ट से जानकारी ली और मेस के किचन का निरीक्षण किया। किचन में साफ-सफाई मिली, लेकिन मेस संचालक को गुणवत्तापूर्ण खाना परोसने के निर्देश दिए गए।
पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन:
कुलपति ने कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा (Dr. Bhavana Mishra) को निर्देश दिया कि मेस संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इसके लिए पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। समिति के सामने मेस ठेकेदारों को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि संतोषजनक समाधान न मिले तो उनके अनुबंध समाप्त किए जाएंगे।
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